शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय डोंगरगढ़ में पांच दिसंबर को छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस मनाया गया। प्राचार्य ने कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा के नाम से प्रसिद्ध है। आयोजित प्रतियोगिता में लगभग सभी व्यंजन चावल के बनाए गए। कला, संस्कृति, धर्म, दर्शन की विशिष्टता इसकी पहचान है।
प्रभारी प्राचार्य डॉ. ईवी रेवती के निर्देशन तथा डॉ. नीता राजपूत, नीलम सिन्हा, डॉ. येशुक्रिती हजारे के नेतृत्व में आयोजन हुआ। हिन्दी विभाग के द्वारा इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. आशा चौधरी ने छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख किया।
अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. आरआर कोचे ने कहा गया कि हमें छत्तीसगढ़ के कला, संस्कृति को बढ़ाने का प्रयास निरंतर करते रहना चाहिए। अंग्रेजी विभागाध्यक्ष गुलशन सिन्हा ने अपनी भाषा के प्रति आत्मीयता के बारे में बताया। हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. राजपूत ने छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस का उद्देश्य, डॉ. हजारे ने छत्तीसगढ़ी भाषा का महत्त्व, नीलम सिन्हा ने छत्तीसगढ़ी भाषा की मधुरता पर प्रकाश डाला।
सामूहिक नृत्य प्रतियोगिता में छात्राओं ने लिया हिस्सा छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस के अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। इसमें छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
सामूहिक नृत्य प्रतियोगिता में एमए हिन्दी प्रथम सेमेस्टर की छात्राओं अलीशा, मोना, कविता, प्रियंका वर्मा, चांदनी जंघेल, चांदनी वर्मा ने प्रस्तुत नृत्य में प्रथम स्थान हासिल किया। एमए हिन्दी तृतीय सेमेस्टर की छात्राओं नेहा, कविता, यामिनी, हिमांशु ने सामूहिक नृत्य में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। एकल नृत्य प्रतियोगिता में प्रियंका वर्मा एमए हिन्दी प्रथम सेमेस्टर ने प्रथम, हिमांशु इंदुरकर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।