राजनांदगांव संपत्तिकर-समेकितकर सहित दूसरे टैक्स के लिए शहर में निजी कंपनी सर्वे कर रही है। रांची की कंपनी को इसका काम दिया गया है। जिसमें कई गड़बड़ी खुलकर सामने आ रही है। इसमें नगर निगम के राजस्व अमले की अब तक की अनदेखी का भी खुलासा हो रहा है।
अब तक तीन वार्डों में सर्वे पूरा कर लिया गया है। इसमें ही जो गड़बड़ी सामने आई है वह चौंकाने वाली है। जानकारी मुताबिक कई प्रॉपर्टी ऐसी हैं, जिसका दायरा 1500 से 2 हजार वर्गफीट का है। लेकिन ऐसे प्रॉपर्टी के मालिक 500 या 700 वर्गफीट का ही टैक्स दे रहे हैं। अब तक इसी मूल्यांकन में इनका टैक्स लिया जाता रहा है। इसके अलावा शहर में सालों से बनकर तैयार हुई कई कॉलोनियों को भी टैक्स के दायरे में नहीं लाया गया है।
जबकि टैक्स डिमांड बढ़ाने के लिए कई बार सर्वे कथित तौर पर हो चुका है। इसके बाद भी ऐसी गड़बड़ी की जांच नहीं हुई। बताया गया कि इसमें सीधे तौर पर कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के दायरे में हैं। पांच से सात साल बनकर तैयार हुए कॉलोनियों से भी अब तक टैक्स वसूली शुरू नहीं हुई है। जिसका बड़ा नुकसान अब तक निगम प्रशासन को होते आया है।
टैक्स से बचने के लिए नहीं दे रहे पूरी जानकारी इधर निजी कंपनी शहर में 70 कर्मचारी रखकर वार्ड वार सर्वे कर रही है। जिसका कुछ हिस्से में अब लोग विरोध भी करने लगे हैं। इसमें वो लोग अधिक संख्या में है, जो अब तक वास्तविक प्रॉपर्टी से कम का टैक्स भरते आए हैं। ऐसे लोग कंपनी के लोगों को पूरी जानकारी देने से बच रहे हैं। अलग-अलग वजह बताकर सर्वे का विरोध किया जा रहा है। हालाकि निगम प्रशासन के अफसरों ने बताया कि कंपनी को नए सिरे से पूरे शहर का सर्वे करने और डाटा ऑनलाइन करने की बात कही गई है।
वास्तविक मूल्यांकन कर टैक्स तय किया जाएगा निजी कंपनी पूरे शहर में सर्वे करेगी। इसमें नई प्रॉपर्टी को भी टैक्स के दायरे में लाया जाएगा। वहीं कुछ गड़बड़ी भी सामने आ रही है, जिसका वास्तविक मूल्यांकन कर टैक्स तय किया जाएगा। – अभिषेक गुप्ता, निगम, आयुक्त
एप में मिलेगी जानकारी घर बैठे जमा करेंगे टैक्स निजी कंपनी का काम शुरू होते ही टैक्स का पूरा सिस्टम ऑनलाइन हो जाएगा। इसके लिए एक एप्लीकेशन भी तैयार किया जा चुका है। जिसमें अपनी प्रॉपर्टी का डिटेल डालते ही व्यक्ति को पता चलेगा कि उनका कितना टैक्स बकाया है और कब-कब टैक्स जमा किया गया है। इसके अलावा एप में तत्काल टैक्स भुगतान का विकल्प भी मौजूद रहेगा। इससे लोग घर बैठे ही अपना निगम से संबंधित टैक्स जमा कर सकेंगे। इससे लोगों को भी बड़ी सुविधा मिलने वाली है। अब तक टैक्स जमा करने निगम तक पहुंचना पड़ता रहा है। जहां कई बार भीड़ होने के कारण लोगों को लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। अब इस परेशानी से राहत मिलेगी।
वसूली के एवज में कंपनी को 7% राशि देगा निगम टैक्स वसूली के लिए अनुबंधित कंपनी को 7 फीसदी राशि देना तय किया गया है। यह राशि प्रति करोड़ की वसूली पर दिया जाएगा। निगम में औसत 15 से 16 करोड़ रुपए का कुल डिमांड बनाता है। इसमें संपत्तिकर- समेकितकर सहित जलकर और दुकान किराया शामिल हैं। निगम का आंकलन है कि निजी कंपनी को काम देने से टैक्स वसूली बेहतर स्थिति में रहेगी। इधर कंपनी पर मानिटरिंग की जिम्मेदारी राजस्व अमले के वर्तमान कर्मचारियों को दिया जाएगा। जो कंपनी के कार्यों की सतत निगरानी करेंगे।