राजनांदगांव. ऐसा लग रहा था कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बदलने के बाद नगर निगमों के भी हालात बदल जाएंगे, लेकिन जिस तरह से राजनांदगांव नगर निगम में कांग्रेस के ढर्रे पर ही सबकुछ चल रहा है, उसको देखकर कहीं से भी ऐसा नहीं लगता कि कुछ बदला है। शहर में कर्मचारियों को वेतन देने का संकट है। इसके बाद भी जरूरत नहीं होने पश्चात एक भाजपा नेता को उपकृत करने के लिए एक करोड़ का बिजली ठेका दे दिया गया है। खबर है कि भाजपा नेता ने कागजों में सप्लाई का भी काम शुरू कर दिया है।
कमीशनखोरी के लिए पूरी तरह से बदनाम रहे नगर निगम में सत्ता परिवर्तन के बाद ऐसा लग रहा था कि हो सकता है भाजपा राज में कुछ व्यवस्था सुधरे, लेकिन यहां पर तो कांग्रेस से एक कदम आगे बढ़कर पूरा काम शुरू हो गया है। पूरे ठेके मैनेज हो रहे हैं। हालही में नगर निगम में एक नया विवाद सामने आया गया है। बिना निविदा प्रक्रिया के सीएसआईडी का बहाना बनाकर 99 लाख रूपए बिजली सामग्री खरीदी का काम एक भाजपा नेता की फर्म को दे दिया गया है। इसके लिए रायपुर से चुंगी क्षतिपूर्ति मद से एक करोड़ रूपए स्वीकृत कराए गए हैं।
खबर है कि नगर निगम कर दिया है। जबकि शहर की लाईटें जल रही है। कुछ महीने पहले ही खरीदी की गई थी। इसके बाद भी भाजपा नेता को एक करोड़ रूपए का आर्डर थमा दिया गया है।
वेतन भुगतान में होता है उपयोग
बताया जाता है कि जिस चुंगी क्षतिपूर्ति से बिजली की सामग्री खरीदी जा रही है,उसका उपयोग नगर निगम के कर्मचारियों को वेतन देने में होता है। लेकिन कर्मचारियों को दो से तीन माह का वेतन नहीं मिला है। इसके बाद भी इस राशि का दुरूपयोग किया जा रहा है।