मूल्यवान शिक्षा के लिये गुजराती स्कूल का नाम लिया जायेगा- हैड बाय हर्ष श्रीवास्तव
राजनांदगांव । गुजराती हॉयर सेकेंडरी स्कूल में बारहवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं का विदाई समारोह सम्पन्न हुआ। जिसमें बारहवीं, ग्यारहवीं एवं दसवीं कक्षा सहित स्कूल स्टाफ और मैनेजमेंट उपस्थित थे। उक्त कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की पूजा व दीप प्रज्वलित कर किया गया। समारोह में सभी बच्चों को संस्था के द्वारा भेंट स्वरूप एक-एक टोकन दिया गया। ग्यारहवीं के बच्चे द्वारा बारहवीं के बच्चों के लिए आकर्षक एक्टिविटीज गेम भी कराया गया।
संस्था की सचिव रूपम सोनछात्रा ने अपने उद्बोधन में छात्रों को फेयरवेल के महत्व को बताते हुए अपने स्कूल के दिनों को याद किया और दोस्ती के महत्व को समझाया। साथ ही संस्था के डायरेक्टर सूरज बुद्धदेव ने जीवन में सफल होने की कामना के साथ आजीवन संस्था से छात्रों को जुडऩे रहने की बात कही। अपने इसी संस्था में बारहवीं तक शिक्षा ग्रहण करने के किस्से बताएं। बच्चों को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढऩे की शुभकामनाएं दी। शाला के हेड बॉय हर्ष श्रीवास्तव ने सम्मान प्राप्त करने के दौरान बताया कि कैसे वे क्लास ११ वीं तक मनी माइंडेड था और अपने स्वास्थ खराब होने के बाद शिक्षा के महत्व को समझा और पैसे के पीछे ना भागते हुए सिर्फ अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दिया, उसने अपने सहपाठियों को बताया कि शिक्षकों के सिखाए हुए हर पाठ को कैसे आत्मसात किया और कैसे सेक्रेटरी खुशी मैडम से प्रेरित होकर अपने लक्ष्यों को जीवन में उतारने में सफल हुआ। हैड बाय हर्ष ने स्कूल प्रबंधन व स्टाफ की प्रशंसा करते मूल्यवान शिक्षा के लिये गुजराती स्कूल का नाम लिया जायेगा।
वरिष्ठ शिक्षिका अर्पणा श्रीवास्तव ने बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनने सहित समाज व अपने परिवार को सही दिशा में ले जाने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य द्वारा अपने पुराने पढ़ाए हुए बच्चे की कहानी बताकर सभी बच्चों को गुरु दक्षिणा के रूप में सफल ही नहीं देश का एक जिम्मेदार नागरिक बनने की सलाह दी। इस दौरान संस्था के प्राचार्य तारिक लालानी का जन्मदिवस मनाते हुए केक काटा गया। संस्था के अध्यक्ष विनय पटेल, सेक्रेटरी रूपम सोनछात्रा, उपाध्यक्ष पवन पटेल, कोषाध्यक्ष हिमांशु पटेल, डायरेक्टर सूरज बुद्धदेव, पीयूष पटेल, शेखर पटेल सहित समस्त स्कूल स्टाफ ने 12 वीं के बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की। उक्त जानकारी संस्था की शिक्षिका बबीता मैडम ने दी।