राजनांदगांव -अवैध रेत खनन के चलते अपने अस्तित्व को खो रही नदियों के प्रति लोगों में सजगता लाने और नदियों का संवर्धन, जल का संरक्षण व पर्यावरण सुरक्षा का संदेश देने प्रदोष तिथि पर राजनांदगांव जिले के ग्राम बाकल में शिव-गंगा महाआरती का आयोजन किया गया।
अवैध रेत उत्खनन, मशीनों के जरिए नदी के भीतर से रेत निकासी और नदी की धारा मोड़ कर नदी में कटाव की स्थिति के चलते नदियों के अस्तित्व पर संकट गहराया हुआ है। शिवगंगा महाआरती के जरिए लगातार लोगों में नदियों के प्रति नदियों के संरक्षण और संवर्धन को लेकर जन जागरूकता फैलाई जा रही है। प्रति माह के प्रदोष तिथि पर आयोजित होने वाली शिवगंगा महाआरती का आयोजन ग्राम बांकल स्थित शिवनाथ नदी पर किया गया, जहां कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शिवगंगा महाआरती के संस्थापक आलोक शर्मा, पंडित अनिल आचार्य, मनीष द्विवेदी और हिंदू युवा मंच के अध्यक्ष किशोर महेश्वरी के द्वारा भगवान भोलेनाथ और मां गंगा की आरती कर नदियों के संरक्षण को लेकर जन जागरूकता फैलाई गई। प्रदोष तिथि पर भगवान भोलेनाथ की आराधना का बड़ा धार्मिक महत्व भी है, वहीं इस तिथि पर किए गए कार्य को सफल भी माना जाता है। ग्राम बाकल में शिवगंगा महा आरती के इस आयोजन से जीवनदायिनी शिवनाथ नदी के संरक्षण को लेकर संदेश दिया गया। इस महाआरती के वर्चुअल आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु ऑनलाइन जुड़े। इस दौरान नदियों के संरक्षण के प्रति जन जागृति फैलाई गई। मां गंगा की आरती कर श्रद्धालुओं ने शिवनाथ नदी में जल बरकरार रहने की कामना की, तो वही भगवान भोलेनाथ की आरती करते हुए नदी के संरक्षण और छत्तीसगढ़ प्रदेश में सुख समृद्धि की कामना की। शिव गंगा महाआरती के अवसर पर राजनांदगांव जिले में शिवनाथ नदी के किनारे बसे प्रत्येक गांव में 10-10 लोगों की टीम बनाकर अवैध रेत उत्खनन को रोकने और शिवनाथ नदी के संरक्षण की दिशा में काम करने को लेकर चर्चा की गई।