छत्तीसगढ़ में 2023 विधानसभा चुनाव के पहले बीजेपी (BJP) में बैठकों का दौर शुरू हो गया है. बीजेपी की प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी आज से दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आ रही हैं. इस दौरान वह 26 मई को बीजेपी पदाधिकारियों और 27 मई को प्रदेश कार्यसमिति के साथ बैठक करेंगी. इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं. जयपुर से लौटने के बाद ये बड़ी अहम बैठक मानी जा रही है.
रायपुर में बीजेपी पदाधिकारियों को बड़ी बैठक
दरअसल आज सुबह 10 बजे छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी रायपुर पहुंचेगी और प्रदेश भाजपा कार्यलय में होने वाली भाजपा की बैठक में शामिल होंगी. इस बैठक में प्रदेश सह प्रभारी नितिन नबीन, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय सहित आमंत्रित पदाधिकारी मौजूद रहेंगे.इसकी तैयारी शुरू हो गई है प्रदेश पदाधिकारी के सदस्य बैठक में शामिल होने के लिए आ रहे है. सुबह 11 बजे बीजेपी की बैठक शुरू हो जाएगी.इसके अगले दिन यानी 27 मई को कार्यसमिति की बैठक होगी. इस बैठक में अगामी रणनीति के बारे में चर्चा की जाएगी. अबतक हुए आंदोलन के बारे में भी समीक्षा की जा सकती है. नेताओं से आंदोलन की सफलता का ब्योरा भी मांगा जा सकता है.
30 मई को बीजेपी का बड़ा अभियान
बीजेपी की बैठक में इस बार प्रमुख रूप से केंद्र में मोदी सरकार के 8 साल पूरे होने पर जश्न को लेकर रूप रेखा तैयार की जाएगी. बैठक के पहले पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा है कि मोदी सरकार के 8 साल पूरे होने पर 30 मई को राष्ट्रव्यापी सरकार की उपलब्धि को जन-जन तक पहुंचाने का एक अभियान होगा.उसकी कार्योजना पर चर्चा और बातचीत होगी.इसके अलावा छत्तीसगढ़ में संगठनात्मक गतिविधियां में विस्तारक योजना को शुरू किया है. अब गांव-गांव तक पहुंचने का प्रयास करेंगे.
मीटिंग में इन विषयों पर आंदोलन की हो सकती तैयारी
गौरतलब है कि मिशन 2023 के लिए भी बीजेपी ने मैदानी संघर्ष शुरू कर दिया है. इसी महीने आंदोलन की अनुमति के आदेश के खिलाफ बीजेपी ने प्रदेशभर में प्रदर्शन किया. इसके बाद बीजेपी जमीनी मुद्दों पर इस बैठक में चर्चा कर सकती है. जिसमे किसानों पर वर्मी कंपोस्ट की खरीदी का दबाव और उसकी गुणवत्ता पर बीजेपी ने सवाल उठाया है. इसके अलावा ओबीसी आरक्षण के मसले पर भी बीजेपी आक्रामक नजर आ रही है. तो ऐसे में कहा जा रहा है इस मीटिंग में बीजेपी नेताओं को प्रदेशभर में सरकार के खिलाफ माहौल तैयार करने के लिए जरूरी निर्देश दिए जा सकते है और कई बड़े आंदोलन की रूप रेखा तय की जा सकती है.