छत्तीसगढ़ के सरगुजा में रात के वक्त शिव मंदिर के अंदर घुसकर शिवलिंग और नंदी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी घटनास्थल के बगल के गांव का ही निकला, जो एक शादी समारोह में नाचने गया हुआ था, जहां उसने शराब पी और वहां से वापस लौटने के दौरान मंदिर के अंदर घुसकर तोड़फोड़ की. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 295 (क), 153 (ए), 427 में मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है.
दरअसल बतौली थाना क्षेत्र के शांतिपारा में नेशनल हाईवे-43 के किनारे काफी पुराना शिव मंदिर स्थित है. यह आस-पास के लोगों की आस्था का केंद्र है. 16 जून की दरम्यानी रात में किसी अज्ञात शख्स ने मंदिर के गर्भगृह में शिवलिंग और नंदी की प्रतिमा को तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया था. इसकी जानकारी अगले दिन यानी 17 जून की सुबह लोगों को लगी, जब महिलाएं पूजा-अर्चना करने के लिए मंदिर पहुंची थीं. इधर मंदिर में तोड़फोड़ की सूचना पर हिंदू संगठन के लोग आक्रोशित हो गए और घटना के विरोध में सैकड़ों लोगों ने मंदिर के पास नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया.
अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला
इसकी जानकारी मिलते ही सरगुजा रेंज आईजी, सरगुजा एसपी के निर्देश पर एएसपी विवेक शुक्ला, सीतापुर एसडीओपी चंद्रकांत गवर्ना के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंची और चक्काजाम कर रहे लोगों को समझाइश दी, तब चक्काजाम समाप्त हुआ और रास्ता बहाल हुआ. इसके बाद स्थानीय लोगों की तरफ से मंदिर में तोड़फोड़ के मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बतौली थाने में एफआईआर दर्ज कराया गया, जिसपर पुलिस घटनास्थल पहुंचकर विवेचना कर रही थी. इस बीच जांच टीम को पता चला कि गुरुवार की रात को मंदिर के पास सेदम गांव के एक व्यक्ति को देखा गया था. उस व्यक्ति को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया, जिसने अपना नाम पुटलू उर्फ बृजभूषण बताया.
पुलिस ने की सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने की अपील
आरोपी ने पूछताछ करने पर आरोप को स्वीकार कर लिया. उसने बताया कि शादी में नाचने के लिए पोपरेंगा गांव आया हुआ था और शादी में ही शराब पी थी. शादी के बाद वापस जाते समय मंदिर के पास रुका था. इसके बाद मंदिर के अंदर घुसकर तोड़फोड़ और बाद में अपने घर चला गया. आरोपी ने शराब के नशे में धुत होकर अपनी मति भ्रम होने से इस घटना को अंजाम देना बताया है. इस घटना के बाद सरगुजा पुलिस ने लोगो से अपील की है कि किसी भी तरह के अफवाहों में न पड़ें, धार्मिक और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखें.