तीस्ता सीतलवाड़ पर एसआईटी के दावे के बाद बीजेपी और कांग्रेस में घमासान छिड़ गया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कहा है कि अहमद पटेल पर लगाए गए मनगढ़ंत और शरारतपूर्ण आरोपों का पार्टी स्पष्ट रूप से खंडन करती है. यह प्रधानमंत्री की उस सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वे 2002 में हुए गुजरात दंगों के पाप से मुक्त होना चाहते हैं, जो उनके मुख्यमंत्री रहते हुआ था.
पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि गुजरात में नरसंहार को रोकने में उनकी अनिच्छा और अक्षमता के कारण ही भारत के तत्कालीन प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उन्हें राजधर्म याद दिलाने के लिए बाध्य होना पड़ा था. प्रधान मंत्री का राजनीतिक प्रतिशोध तंत्र स्पष्ट रूप से उन राजनीतिक विरोधियों को भी नहीं बख्श रहा, जो अब इस दुनिया में भी नहीं हैं.
जयराम रमेश ने BJP के आरोपों का खंडन किया
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आगे कहा कि एसआईटी अपने राजनैतिक आका की धुन पर नाच रही है और उनके इशारे पर यह उठक-बैठक करती रहेगी. हम जानते हैं कि कैसे एक पूर्व एसआईटी प्रमुख को मुख्यमंत्री को ‘क्लीन चिट’ देने के एवज़ में एक राजनयिक उत्तरदायित्व के साथ पुरस्कृत किया गया था.
कोर्ट में चल रहे मामलों में प्रेस के माध्यम से कठपुतली एजेंसियों द्वारा लगाए गए झूठे आरोपों को तथाकथित रुप से निष्कर्षों के रूप में प्रसारित और प्रचारित करना मोदी-शाह की जोड़ी का जाना-माना तरीका रहा है. ऐसे दिवंगत व्यक्ति को कलंकित किया जा रहा है जो अपने ऊपर लगाए गए ऐसे बेशर्मी भरे झूठे आरोपों का खंडन करने के लिए अब इस दुनिया में नहीं हैं.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि जब भी गुजरात का चुनाव आता है तो बीजेपी नई थ्योरी लाती है. बीते विधानसभा चुनाव में एक डिनर की चर्चा उछाली गई और कहा गया था कि इस डिनर में मोदी के खिलाफ साजिश रची गई, जिसमें पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल दीपक कपूर, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह शामिल थे. कहा गया था कि इसमें पाकिस्तान का भी हाथ था. चुनाव के बाद संसद में पीएम मोदी को मनमोहन सिंह से माफी मांगनी पड़ी थी. काठ की हांडी बार बार नहीं चढ़ती. चुनाव से पहले किसी ना किसी मुस्लिम नेता का नाम उछालना इनका पुराना तरीका है. अगर आपकी तरह के हथकंडे कांग्रेस ने अपनाए होते तो आप मुख्यमंत्री नहीं रह पाते. काम पर वोट मांग नहीं सकते, इसलिए असलियत को ढकने के लिए साजिश की थ्योरी लेकर आते हैं.
बीजेपी ने क्या लगाए आरोप?
तीस्ता सीतलवाड़ पर एसआईटी के दावे के बाद इस मामले पर बीजेपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. पत्रकारों से बात करते हुए बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा है कि तीस्ता सीतलवाड़ के लोग राजनीतिक मंसूबे के साथ काम कर रहे थे. उन्होंने कहा कि ये लोग इस मंसूबे के साथ काम कर रहे थे कि गुजरात की सरकार को बर्खास्त किया जाए और गुजरात सीएम को फ्रेम किया जाए. उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को बदनाम करने के लिए कांग्रेस ने जो षड़यंत्र किया था उसकी सच्चाई सामने है.
तीस्ता सीतलवाड़ पर SIT के दावे
तीस्ता सीतलवाड़ द्वारा अहमदाबाद सत्र न्यायालय में दायर जमानत अर्जी के खिलाफ एसआईटी द्वारा दायर हलफनामे में सनसनीखेज खुलासा है. हलफनामे में तीस्ता सीतलवाड़ द्वारा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन अध्यक्ष के राजनीतिक सलाहकार से पैसे लेने का जिक्र है. एसआईटी ने दावा किया कि उसने तत्कालीन राजनीतिक सलाहकार तीस्ता सीतलवाड़ से दो बार लाखों रुपये स्वीकार किए थे, जिन्होंने सर्किट हाउस में पैसे स्वीकार करने और देखने का भी दावा किया था. यह भी दावा किया है कि गुजरात और गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री को बदनाम करने का प्रयास किया गया था.