राष्ट्रपति चुनाव के लिए संसद में वोटिंग खत्म हो गई है. वोटों की गिनती 21 जुलाई को होगी. इस चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का मुकाबला विपक्ष के साझा उम्मीदवार यशवंत सिन्हा से है. राज्य सभा के महासचिव पीसी मोदी ने कहा कि 16वें राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान सुबह 10 बजे शुरू हुआ और शाम 5 बजे खत्म हुआ. हर जगह शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न हुआ. कुल 99.18% मतदान हुआ दर्ज है.
राष्ट्रपति चुनाव के लिए हुए मतदान में पीएम नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, गृहमंत्री अमित शाह समेत सभी दिग्गज नेताओं ने वोट डाला. भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस सांसद मनमोहन सिंह संसद में व्हीलचेयर पर बैठकर वोट डालने पहुंचे थे.
8 सांसद नहीं डाल पाए वोट
राष्ट्रपति चुनाव के मतदान में कुल 8 सांसद वोट नहीं डाल पाए. इनमें बीएसपी सांसद अतुल कुमार सिंह जेल में हैं, वहीं बीजेपी सांसद सनी देओल विदेश यात्रा पर हैं. इनके अलावा शिवसेना सांसद गजानन कीर्तिकर, हेमंत गोडसे, बीएसपी सांसद फजलुर रहमान, सादिक रहमान और सैयद इम्तियाज़ ने भी वोट नहीं डाला.
राष्ट्रपति चुनाव में जमकर हुई क्रॉस वोटिंग
मतदान के दौरान असम, गुजरात, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में क्रॉस वोटिंग भी देखने को मिली. गुजरात में राष्ट्रवादी कांग्रेस विधायक कंधाल एस. जडेजा ने कहा कि उन्होंने एनडीए की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में वोट किया है. साथ ही असम में एआईयूडीएफ के विधायक करीम उद्दीन बरभुइया ने दावा किया कि असम में कम से कम 20 कांग्रेस विधायकों ने द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में अपना वोट डाला है. हालांकि कांग्रेस ने क्रॉस वोटिंग को नकार दिया.
अकाली दल विधायक के विरोधी सुर
ओडिशा में कांग्रेस विधायक मोहम्मद मोकीम ने दावा किया कि वो एक कांग्रेस विधायक हैं, लेकिन उन्होंने एनडीए के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के समर्थन में मतदान किया है. उन्होंने इसे अपना निजी फैसला बताया. उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के भी एक विधायक ने क्रॉस वोटिंग की है. राष्ट्रपति चुनाव के दौरान अकाली विधायक के पार्टी विरोधी सुर देखने को भी मिले. पंजाब में अकाली दल के विधायक मनप्रीत अयाली ने द्रौपदी मुर्मू को वोट नहीं डाला. अयाली ने कहा बीजेपी से गठजोड़ रहते भी पंजाब के कई मसले हल नहीं हुए. बता दें कि, अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर बादल ने मुर्मू को समर्थन दिया था.
दिल्ली विधानसभा परिसर में कड़ी सुरक्षा के बीच हुई वोटिंग
दिल्ली विधानसभा परिसर में कड़ी सुरक्षा के बीच सोमवार सुबह राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान शुरू हुआ. दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सीसोदिया, आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक शिवचरण गोयल, भावना गौर और बीजेपी के विधायक मोहन सिंह बिष्ट ने सुबह-सुबह मतदान किया. दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा में आप के 62 और बाकी बीजेपी के विधायक हैं. विधानसभा में 68 सदस्यों ने मतदान किया और दो विधायक वोट नहीं डाल सके. मुस्तफाबाद विधायक हाजी यूनुस हज यात्रा पर हैं, जबकि मंत्री सत्येंद्र जैन जेल में हैं, इस वजह से दोनों वोट नहीं कर पाए.
कौन करता है राष्ट्रपति चुनाव में वोटिंग?
राष्ट्रपति का चुनाव निर्वाचक मंडल के सदस्यों द्वारा किया जाता है, जिसमें संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य और केंद्र शासित प्रदेश सहित सभी राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य होते हैं. कुल 4800 निर्वाचित सांसद और विधायक मतदान करने के पात्र थे.
ये रहा इस बार मतों का मूल्य
जम्मू कश्मीर में विधानसभा नहीं होने की वजह से इस बार सांसदों के मतों का मूल्य 708 से घटकर 700 हो गया है. राज्यों में विधायकों के मतों के मूल्य अलग-अलग हैं. उत्तर प्रदेश के प्रत्येक विधायक का राष्ट्रपति चुनाव में मत मूल्य अन्य किसी राज्य के विधायक से अधिक है. उत्तर प्रदेश के विधायकों के मत का मूल्य 208 है, जबकि झारखंड और तमिलनाडु के विधायकों का मूल्य 176 है. महाराष्ट्र में यह 175, सिक्किम में सात, नगालैंड में नौ और मिजोरम में आठ है.
21 जुलाई को होगी मतगणना
मतों की गिनती संसद भवन में होती है. मतगणना 21 जुलाई को होगी. एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू अगर ये चुनाव जीतकर राष्ट्रपति बन जाती हैं, तो स्वतंत्रता के बाद जन्मी इस शीर्ष पद पर पहुंचने वाली पहली नेता होंगी. वह देश की पहली आदिवासी और सबसे युवा राष्ट्रपति भी होंगी.