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इस बार 11 और 12 अगस्त को दो दिन लोग रक्षाबंधन का त्योहार मना रहे हैं। दो वर्षों के बाद पहली बार लोग रक्षाबंधन पर काेरोना के खौफ से मुक्त होकर खरीदारी कर रहे हैं। साल 2020 और 2021 में रक्षाबंधन के दौरान कोरोना महामारी की चपेट में थे। ऐसे में बाजार में भी भाई और बहन के इस त्योहार पर कुछ खास उत्साह नजर नहीं आया था। पर इस बार हालात थोड़े अलग हैं और कोरोना के मामले थमने से लोग चिंता मुक्त होकर रक्षाबंधन के लिए खरीदारी कर रहे हैं। देश के बाजारों में बीते दो-तीन दिनों से गहमागहमी बनी हुई है। राखी और मिठाईयों की दुकानों पर लोगों की भीड़ जुट रही है। राखी की खरीदारी के दौरान उनमें उत्साह नजर आ रहा है।
व्यापारियों को इस बार कारोबार बढ़ने की उम्म्मीद
कोरोना संकट के बाद पहली बार रक्षाबंधन पर इससे जुड़ी चीजों का कारोबार कर रहे व्यापारियों के चेहरे पर भी रौनक है। बाजार के जानकारों के मुताबिक पिछले साल रक्षाबंधन पर करीब 4000 से 5500 करोड़ रुपये का कारोबार ही हो पाया था इस बार उम्मीद है कि यह आंकड़ा 6000 करोड़ से 8000 करोड़ तक पहुंच सकता है।
राखियों पर महंगाई का असर; लागत बढ़ी, मुनाफा घटा
दिल्ली से सटे गाजियाबाद इलाके में राखियों के कारोबार से जुड़ीं मुक्ता कुमारी बताती हैं कि इस साल लोग रक्षाबंधन पर खरीदारी में दिलचस्पी तो दिखा रहे हैं पर बाजार में बिक रही राखियों पर महंगाई का असर भी देखने को मिल रहा है। राखियों की कीमतों में 20 से 25 प्रतिशत तक का उछाल दिख रहा है। जहां तक राखियों को बनाने में आने वाली लागत का सवाल है तो वह पिछले सालों की तुलना में 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं, लागत की तुलना में कीमतें अब भी कम ही हैं। इस कारण राखियों पर व्यापारी का मुनाफा घट गया है। मुक्ता का कहना है कि हालांकि अच्छी बात यह है कि महंगाई के बावजूद लोग राखी खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि पिछले सालों की तुलना में इस साल 40 से 60 फीसदी अधिक राखियां बिकेंगी।
मिठाई और कपड़ों की खरीदारी में लोग दिखा रहे दिलचस्पी
बाजार में राखियों के अलावा कपड़ों और मिठाई की भी खरीदारी हो रही है। कई जगहों पर इस बार प्रीमियम सेंगमेंट की मिठाईयां बिक रहीं हैं। इस दौरान रक्षा बंधन पर महाराष्ट्र के नासिक में 6000 रुपये प्रति किलो की दर पर मिठाईयां बिकने की भी खबरें आ रही हैं। बताया जा रहा है कि उन मिठाईयों पर सोने का वर्क चढ़ा है। महंगी होने के बावजूद लोग इस मिठाई को खरीदने में दिलचस्पी ले रहे हैं।
कच्चे माल की कीमत बढ़ने से मुंह मीठा करना भी हुआ महंगा
बाजार में सामान्य रूप से बिकने वाली मिठाइयों पर भी रक्षाबंधन के समय महंगाई का असर दिख रहा है। दूध, घी, डालना, चीनी, रिफाइन की कीमतें पिछले साल की तुलना में 20 से 30 प्रतिशत तक ऊपर जा चुकी है। ऐसे में इनसे तैयार होने वाली मिठाईयां भी महंगी हो गईं हैं। कई मिठाईयों की कीमतें लगभग दो गुनी तक महंगी हो गईं हैं। जो काजू की बर्फी पिछले साल 500 से 600 रुपये प्रतिकिलो तक बिकती थी वो इस बार बाजार में क्वालिटी के अनुसार 900 से 1100 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही है। कपड़ा मार्केट में भी चीजें पिछले सालों की तुलना में महंगी बिक रही हैं।