राजनांदगांव से पृथक होकर अस्तित्व में आने जा रहे नए जिलों मोहला-मानपुर-चौक व खैरागढ़-छुईखदान-गंडई का बड़ा हिस्सा वन और खनिज संपदा से भरा है। नए जिलों की समृद्धि में ये दोनों संपदा काफी महत्वपूर्ण साबित होंगे। अविभाजित जिले में वनांचल का क्षेत्र लगभग 40 प्रतिशत है। मो्हला-मानपुर का बड़ा भाग वनों से घिरा है।
राजनांदगांव । राजनांदगांव से पृथक होकर अस्तित्व में आने जा रहे नए जिलों मोहला-मानपुर-चौक व खैरागढ़-छुईखदान-गंडई का बड़ा हिस्सा वन और खनिज संपदा से भरा है। नए जिलों
की समृद्धि में ये दोनों संपदा काफी महत्वपूर्ण साबित होंगे। अविभाजित जिले में वनांचल का क्षेत्र लगभग 40 प्रतिशत है। मो्हला-मानपुर का बड़ा भाग वनों से घिरा है। जहां इमारती लकड़ियों के अलावा बहुपयोगी वनोपज भी हैं। दूसरी तरफ खैरागढ़ में आयरन ओर व चूना पत्थर के अलावा कई गौण खनिज नए जिले की आर्थिक उन्नाति में काफी मददगार साबित हो सकते हैं।
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) जिला दो सितंबर को राजनांदगांव जिले से अलग होकर एक नए प्रशासनिक इकाई का स्वरूप लेने वाला है। यह क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहा है। प्रशासनिक विकेंद्रीकरण होने से शासन-प्रशासन इन क्षेत्रों में जनसामान्य के और निकट पहुंचेगा। जालबांधा को पहले ही उप तहसील का दर्जा दिया जा चुका है। वहीं साल्हेवारा को तहसील का दर्जा मिल चुका है। नया जिला के अस्तित्व में आने के बाद क्षेत्र की आम जनता को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलने लगेगा।
प्रचुर वन संपदा से समृद्ध है केसीजीः खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला सघन वनों से आच्छादित है और प्रचुर मात्रा में वन संपदा से समृद्ध है। केसीजी के सघन वनों में लघु वनोपज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। कोदो, कुटकी, रागी, भेलवा, बहेड़ा, कालमेघ, लाख, माहुल पत्ता का संग्रहण कर इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लघु वनोपज संग्राहकों को रोजगार एवं आर्थिक लाभ मिल रहा है। नया जिला अस्तित्व में आने के बाद इस क्षेत्र में विकास के और भी नए रास्ते खुलेंगे। वृपौधारोपण, वनोपज विदोहन, नरवा विकास, वन एवं वन्य जीव संरक्षण के क्षेत्र में कार्यों में प्रशासनिक कसावट आएंगी तथा विकासोन्मुखी सुविधाओं का विकास होगा।

केसीजी में है खनिज संसाधनों का भी खजानाः खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला खनिज संसाधनों के मामले में भी समृद्ध है, जिससे औद्योगिक विकास को गति मिलने की उम्मीद की जा रही है। खैरागढ़ क्षेत्र में चूना पत्थर गौण खनिज उपलब्ध है।
वहीं इसके साथ ही क्वार्टजाईट, सिलिका सेण्ड, ईट मिट्टी जैसे खनिज उपलब्ध हैं। वहीं छुईखदान क्षेत्र में मुख्य खनिज चूना पत्थर उपलब्ध है तथा साधारण पत्थर एवं लौह खनिज अयस्क मिलने की संभावना है। शासन द्वारा 220 करोड़ रूपये की लागत से बनाए जा रहे सिद्धबाबा जलाशय लघु सिंचाई परियोजना से इस क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी। लमती नदी में बनने वाले इस परियोजना से 34 ग्राम लाभान्वित होंगे।
1840 हेक्टेयर की भूमि की सिंचाई की जा सकेगी। कृषि क्षेत्र में विकास के अवसर बढ़ेगे। वहीं सुरही जलाशय लघु सिंचाई परियोजना अंतर्गत वेस्ट वियर की ऊंचाई बढ़ाने तथा नहर का विस्तार का जीर्णोद्धार,
लाइनिंग कार्य तथा नहर विस्तार किया जा रहा है। इससे सिंचाई के रकबा में 120 हेक्टेयर की बढ़ोत्तरी होगी। इसी तरह पिपरिया जलाशय मध्यम सिंचाई परियोजना से 91 ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं तथा 6240 हेक्टेयर रकबा में सिंचाई हो रही है।
खैरागढ़ में 8 व मोहला-मानपुर में 9 थाने होंगे
जिले के रुप में अस्तित्व पर नवगठित जिला खैरागढ़-छुईखदान व गंडई में 8 और मानपुर-मोहला -चौकी में 9 थाने होंगे। जिसमें मानपुर-मोहला जिले में अंबागढ़ चौकी, चिल्हाटी, मोहला, मानपुर, खड़गांव, कोहका, सीतागांव, मदनवाड़ा और औंधी थाने शामिल होंगे और खैरागढ़ में खैरागढ़, ठेलकाडीह, जालबांधा, गंडई, छुईखदान, गातापार, साल्हेवारा और मोहगांव थाने शामिल रहेंगे। वहीं राजनांदगांव जिले में दर्जनभर थाने रहेंगे। वर्तमान में राजनांदगांव जिले में थाना, चौकी व बेस कैंप की संख्या 41 है। जिसमें 1800 जवान व अधिकारी तैनात है। जिला विभाजन के बाद टीआई व जवानों को नए जिले के थानों में पदस्थ किया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार नए जिले खैरागढ़ व मानपुर-मोहला को पुलिस महकमे से 20–20 फीसदी बल विभाजन के बाद मिलेगा। नांदगांव पुलिस महकमे ने हिस्सेदारी को लेकर एक खाका भी तैयार कर लिया है। दोनों जिले में पुलिस अमले की तैनाती को लेकर कानून व्यवस्था और अपराधिक रिकार्ड के आधार पर बल दिया जाएगा।
3 लाख 68 हजार से ज्यादा की आबादी
राज्य सरकार द्वारा नए जिले की सीमाओं को लेकर दी गई जानकारी के मुताबिक खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की आबादी 3 लाख 68 हजार से ज्यादा होगी. इस नए जिले में 221 ग्राम पंचायत आएंगे. इसके साथ ही 3 नगरीय निकाय भी होगा. नए जिले का क्षेत्रफल करीब 1 लाख 55 हजार 197 हेक्टेयर का होगा. बता दें कि पिछले एक साल में राज्य सरकार ने पांच नए जिले बनाने का ऐलान किया है, जिसमें से 2 जिले राजनांदगांव से ही कटकर बनेंगे. इसमें खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के साथ ही मोहला-मानपुर-चौकी भी शामिल है. खैरागढ़ जिले की आबादी मोहला-मानपुर-चौकी से ज्यादा और क्षेत्रफल कम होगा. दोनों जिले कटने के बाद भी ज्यादा 8 लाख से अधिक आबादी राजनांदगांव जिले की होगी. राज्य सरकार ने साल्वेवार व जालबांधा को पूर्ण तहसील का दर्जा देने की अधिसूचना भी राजपत्र में प्रकाशित कर दी है.
खैरागढ़ में 221 और मानपुर में 185 ग्राम पंचायत हैं
प्रस्तावित नया जिला खैरागढ़, छुईखदन, गंडई का क्षेत्रफल एक लाख 55 हजार 197 हेक्टेयर का होगा। नए जिले में तीन निकाय और 221 ग्राम पंचायतों के साथ जिले की कुल आबादी 3 लाख 68 हजार 444 होगी। वहीं प्रस्तावित नए जिले मोहला-मानपुर-चौकी की कुल आबादी 2 लाख 83 हजार 947 होगी। इसमें नौ थाने शामिल किए गए हैं। 185 पंचायतों में कुल 499 गांवों को नए जिले में शामिल किया गया है।
नए जिले मानपुर-मोहला व खैरागढ़ सितम्बर माह में पूर्ण रुप से अस्तित्व में आ जाएगा। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद सेट-अप को लेकर तैयारी जोर-शोर से चल रही है।