राजनांदगांव।समीपस्थ ग्राम खैरा (रवेली) में 28 अक्टूबर को मातर मंडई का आयोजन किया जा रहा है।दिवाली के बाद मंडई मातर की धूम है। ग्राम खैरा में लगातार मंडई मातर का आयोजन किया जा रहा है।छत्तीसगढ़ के गांवो में मातर मेला मंडई छत्तीसगढ़ की परंपरा है।यहां सुरहोती (दिपावली) के अगले दिन गोवर्धन पूजा और उसके बाद के दिन मे मातर मनाया जाता है। इस पर्व में गाय की पूजा की जाती है। छत्तीसगढ़ में यह पर्व मुख्य रूप से यादव समाज के लोगों के द्वारा मनाया जाता है परंतु अन्य समाज के लोग भी इसमें शामिल होते हैं।
गौठान (दईहान) में होती है पूजा
गांव की गौठान दईहान में यादव समुदाय के लोग पारंपरिक परिधान पहनकर इकट्ठा होते हैं। इकट्ठा होकर खुडहरदेव, साहरा देव ,पशुधन और सोहई की पूजा अर्चना की जाती है। यादव समाज के लोग गौवंश को सोहई की माला पहनाते हैं। पर्व में गाय के गोबर का तिलक होता है।गौ ठान मे लोगो को प्रसाद वितरण किया जाता है। चैतराम साहू अध्यक्ष राजीव युवा मितान क्लब ने बताया कि रात्रि में लोगों के मनोरंजन के लिए चंदा सूरज नाच पार्टी कुटकी पारा, सहसपुर लोहारा , ज़िला कबीरधाम का कार्यक्रम रखा गया है। क्षेत्रवासियों को अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम का लाभ लेने का आग्रह किया है।