रायपुर, 12 नवम्बर 2022
भेंट-मुलाकात में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी दोनों मेरे साथ आये हैं।विधानसभा में बैठकर हम योजना बनाते हैं और सचिवालय में इस पर बारीकी से कार्य होता है फिर जिला प्रशासन इसे कार्यान्वित करता है।यह ठीक से हो रहा है या नहीं ये जानने आया हूँ।- राजीव गांधी किसान न्याय योजना के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि यह योजना इसलिए लाई गई है ताकि किसानों की उपज को उचित मूल्य मिल सके।- कोदो कुटकी का समर्थन मूल्य तय किया। सबको इसका लाभ मिला। गन्ने की अच्छी कीमत किसानों को मिल रही है।- राशन के बारे में मुख्यमंत्री ने अपनी बात रखते हुए कहा कि सबको हमने आधार कार्ड से लिंक कर दिया। सबका राशन कार्ड बन गया। – इस पर हितग्राही निरुपमा माली ने बताया कि उनके परिवार के 9 सदस्य हैं। सबको मिलाकर 63 किलो चावल मिल रहा है। नमक, शक्कर मिल रहा है। शक्कर का 17 रुपया है। बाकी निःशुल्क मिल रहा है।- कार्तिक नंदेश्वर बोरतालाब ने बताया कि इस साल की 3 किश्त मिल गई है। हम सब आपकी योजनाओं से बहुत खुश हैं। सबकी ऋण माफी हुई।- किसान प्रकाश कुमार गंधर्व, ग्राम नारायणगढ़ ने कहा कि राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय मजदूर योजना से भूमिहीन श्रमिकों को प्रतिवर्ष 7 हजार दिया जा रहा है। भूमिहीन श्रमिकों के लिए भी योजना बनाकर राशि देने का काम किया है। – कुलेश्वरी ने बताया कि 13 हजार रुपये का गोबर बेच चुकी हूं। कभी सोची नहीं थी गोबर से भी पैसा मिलेगा।कुलेश्वरी ने बताया कि उनके समूह ने 93 हजार का वर्मी कम्पोस्ट बेचा। 2 लाख का केंचुआ बेचा। बच्चों के लिए भी समान खरीदा और अपने लिए जेवर।मुख्यमंत्री ने कहा कि तभे सराफा बाजार में अतका भीड़ दिखत हे।कुलेश्वरी मुस्कुरा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि खूब कमाओ और अपने परिवार के लिए बढ़िया काम करो।- दुबे लाल ने बताया कि मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना अंतर्गत उन्हें निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है। निःशुल्क इलाज की सुविधा मिलने के चलते वे हर रविवार को रेंगाकठेरा सप्ताहिक बाजार जाते हैं।
– माखनलाल निर्मलकर ने कहा कि उनके दो बच्चे हैं और दोनों बच्चे हीमोफीलिया बीमारी से ग्रसित है, जिससे खून का थक्का नहीं जमता है। राजनांदगांव में इस बीमारी के केवल दी मरीज है और दोनों मेरे बच्चे हैं। काफी इलाज कराने के बाद भी ठीक नहीं हो रहा है। – उन्होंने बताया कि 2 साल पहले 2 बेंगलुरु में ऑपरेशन हुआ था। वह गरीब है और आगे का इलाज कराने में समर्थ नहीं है। मुख्यमंत्री ने आगे की सभी तरह की इलाज के लिए शासन से राशि स्वीकृत करने की सहमति दी।- चिटफण्ड कंपनियों के बारे में चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि अनेक निवेशकों को इन्होंने क्षति पहुंचाई है।इन्होंने झूठे वादे किए और लोगों को नुकसान पहुंचा।- हमने डाइरेक्टर्स को गिरफ्तार करवाया। हमने लगातार इस पर काम किया। इन कंपनियों की संपत्ति खंगाली। राजनांदगांव में 19 हजार लोगों के 15 करोड़ रुपये वापस हुए। – देश में पहली बार निवेशकों की राशि वापस हुई। छत्तीसगढ़ में यह पहली बार हुआ लेकिन यह राहत की शुरुआत है। हम इस पर लगातार काम कर रहे हैं