भानु प्रतापपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर प्रशासन बेहद सतर्क है। हर घटना पर नजर रखे हुए है ताकि किसी प्रकार से विवाद की स्थिति न बने। प्रशासन की कोशिश शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव संपन्न कराना है। यहां 5 दिसंबर को मतदान होगा।
छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर उपचुनाव में आदिवासी आरक्षण का मुद्दा गरम है। ऐसे में अब एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें आदिवासियों को सर्व आदिवासी समाज के प्रत्याशी को जिताने की शपथ लेते दिखाया गया है। साथ ही अन्य राजनीतिक दलों का समर्थन नहीं करने की भी शपथ दिलाई गई है। ऐसा नहीं करने पर सामाजिक कार्यवाही की भी बता कही है।
एसडीएम ने नोटिस जारी किया
गोंडवाना समाज के सदस्यों के साथ निर्दलीय प्रत्याशी को वोट देने के लिए शपथ दिलाकर प्रेरित किए जाने मामले में संबंधितों को नोटिस जारी कर दिया गया है। अनुविभागीय अधिकारी भानुप्रतापपुर की ओर से नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में लिखा गया कि ग्राम दुर्गूकोंदल का वीडियो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में वायरल होने पर आदर्श आचरण संहिता का उल्लंघन है।
इस संबंध में अनुविभागीय दंडाधिकारी भानुप्रतापपुर द्वारा संबंधितों को नोटिस जारी करते हुए कहा गया कि क्यों न आपके विरूद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कार्यवाही की जाए। अनुविभागीय दंडाधिकारी भानुप्रतापपुर द्वारा इस संबंध में संबंधितों को 28 नवम्बर 2022 को कार्यालयीन समय पर स्वयं उपस्थित होकर लिखित में जवाब प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया है।
संतोषजनक जवाब नहीं होने की स्थिति में भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई है। उधर, नोटिस जारी होने की सूचना पर सर्व आदिवासी समाज का पारा चढ़ गया है। समाज के पदाधिकारियों ने निर्दलीय प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार तेज करते हुए कहा कि पूरा सरकारी तंत्र सर्व आदिवासी समाज को दबाने में लगा है।
समर्थन पर कार्यवाही की भी शपथ
दरअसल, सर्व आदिवासी समाज आरक्षण मामले में लगातार आंदोलनरत है। इसी के तहत एक वीडियो वायरल हुआ है। इसे दुर्गकोंदल के गोंड़ समाज भवन का बताया जा रहा है। इसमें बूढ़ादेव, मां दंतेश्वरी, मां शीतला को साक्षी मानकर शपथ दिलाई जा रही है कि वे किसी राजनीतिक पार्टी का समर्थन नहीं करेंगे। समाज के लिए समर्पित भाव से काम करेंगे। राजनीतिक पार्टी का प्रचार किया तो सामाजिक कार्यवाही की जाएगी।