राजनांदगांव. राष्ट्रीय पर्यावरण योद्धा कार्यक्रम के अखिल भारतीय पर्यावरण संरक्षण-संवर्धन अभियान अंतर्गत मायाराम सुर्जन भवन, रजबंधा, रायपुर में विचार-विमर्श बैठक राष्ट्रीय संयोजक कमल सिंह यादव की अध्यक्षता में सफल हुई। देश-धरती में पर्यावरण संरक्षण के लिए जन-जन सर्वजन को जागरूक करने के महत्तम कार्य अभियान के परिप्रेक्ष्य में आयोजित विचार विमर्श में नगर के पर्यावरण विज्ञ प्राध्यापक कृष्ण कुमार द्विवेदी ने विशिष्ट पर्यावरण सलाहकार आह्वान चिंतन में बताया कि अत्यंत सामयिक है कि हर घर में पर्यावरण योद्धा बने जिससे घर-घर में पलते-बढ़ते पर्या तत्वों के प्रदूषण को रोका जा सके। वर्तमान समय में प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रूप से घर-घर में स्वच्छ मीठे जल का दैनिक चर्या कार्यो में विशेषकर शौच, स्नान, सफाई, धवन-धुलाई कार्यो में अत्यधिक व्यय-अपव्यय हो रहा है। जिसे नियंत्रित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही घर-परिवार के प्रत्येक छोटे-बड़े व्यक्ति पर्या तत्वों के संरक्षण-संवर्धन की महत्ता को और सामयिक आवश्यकता को जाने – समझे तथा मौलिक कर्तव्य के रूप में उनकी सुरक्षा हेतु सुनिश्चित पहल भी करें। व्यक्ति-व्यक्ति की थोड़ी सी जागरूकता से ही दैनिक कार्यो में स्वच्छ जल की महत्तम बचत की जा सकती है। घर, मोहल्ला, नगर में हजारों लीटर जल प्रतिदिन बचाया जा सकता है। प्रकृति की अनमोल, अनुपम देन जल, मिट्टी, वायु को संरक्षित और संवर्धित करके ही प्रकृति पर्यावरण को प्रदूषणों से मुक्त कर चारों ओर चतुर्दिक गहराते भूमण्डलीय तापन, जलवायु परिवर्तन, वायु प्रदूषण जैसे संकटों से बचा जा सकता है। आगे प्राध्यापक द्विवेदी ने विशेष रूप से हमारी सनातन गौरवशाली परंपराओं का उद्धरण देते हुए बताया कि सनातन काल से प्रमुख पर्या तत्वों जल-मिट्टी-वायु-वृक्ष-लताएं-फल-फूल- अन्न खाद्यान्न को देवतुल्य माना गया है। और इनके संरक्षण-संवर्धन करने को ही वास्तव में पूजन माना है। सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपराएं श्रेष्ठ, सार्थक अर्थो में हमें यही सिखाती हैं कि प्रकृति का श्रेष्ठ जीव मानव का मौलिक दायित्व इन अनमोल पर्या तत्वों का संरक्षण करना ही उसका मूल दायित्व है। आइये हम सभी संकल्पित हों कि पर्यावरण योद्धा बनकर प्रकृति तत्वों के संरक्षण की अनुकरणीय पहल करेंगे और दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करेंगे। इस विचार-चर्चा में प्रदेश के चालीस से अधिक पर्यावरण मित्र, प्रेमी एवं प्रबुद्ध व्यक्तियों ने सक्रिय सहभागिता की और देश-प्रदेश में राष्ट्रीय पर्यावरण योद्धा कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु शपथ भी ली।