विकास खंड धर्मशाला के तहत योल के साथ लगते उथड़ाग्रां में अनियंत्रित होकर एक कैंटर सड़क से करीब 100 मीटर नीचे खाई में जा गिरा। इस हादसे में पति-पत्नी और बेटी समेत पांच लोगों की मौत हो गई। चार लोगों ने मौके पर, जबकि एक गंभीर घायल ने टांडा अस्पताल में दम तोड़। हादसे में पांच लोग जख्मी हुए हैं। एएसपी हितेश लखनपाल ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार कैंटर में सवार लोग शाम करीब 4:30 बजे खेतों से गेहूं की कटाई कर फसल घर ला रहे थे, तभी फसल से लदा कैंटर अनियंत्रित होकर लुढ़क गया। कैंटर में चालक और बच्चों समेत 10 लोग सवार थे। मृतकों में सीता देवी (39) पत्नी सुनील कांत, सुनील कांत (43) पुत्र बलदेव, कृष्णा (7) पुत्री सुनील कांत, मिलाप चंद (चालक) पुत्र अशोक कुमार और आरती देवी (45) पत्नी कुशल कुमार शामिल हैं।
हादसे में प्रिया (7) पुत्री लक्ष्मण, अंशु (7) पुत्र सुनील कांत, अभिनव (17) पुत्र सुनील, साक्षी (17) पुत्री गुलशन और अनिल कांत (40) पुत्र बलदेव सिंह घायल हुए हैं। सभी मृतक उथड़ाग्रां के रहने वाले हैं। घायलों का उपचार टांडा अस्पताल में चल रहा है। घटनास्थल पर योल पुलिस चौकी प्रभारी नारायण सिंह, तहसीलदार गिरीराज ठाकुर मौजूद रहे। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये फौरी राहत के तौर पर दे दिए हैं।हादसे के बाद मची चीखपुकार, मदद करने के लिए दौड़े लोगविधानसभा क्षेत्र धर्मशाला का उथड़ाग्रां का रहने वाला सुनील खेती के कार्य के लिए छुट्टी लेकर घर आया था। वह एक निजी कंपनी में नौकरी करता था, जबकि उसकी पत्नी घर संभालती थी। उसके बच्चे अभी छोटे थे। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत होने से उथड़ाग्रां के ग्रामीण सदमे में हैं। जानकारी के अनुसार रविवार सायं करीब चार-साढ़े चार बजे उड़थाग्रां में एक कैंटर अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 100 मीटर गहरी खाई में गिर गया।हादसे में खेती का कार्य करने के लिए सुनील कुमार पुत्र बलदेव निवासी उथड़ाग्रां छुट्टी लेकर घर आया था। खेती का कार्य निपटाने के बाद वापस नौकरी पर जाना था, लेकिन यह छुट्टी उसके लिए आखिरी साबित हुई। वहीं हादसे में घायल चार बच्चों को भी रविवार की यह छुट्टी हमेशा याद रहेगी। अगर आज रविवार न होता तो सभी बच्चे स्कूल गए होते और हादसे का शिकार होने से बच जाते। वहीं एक ही परिवार के तीन और गांव के पांच लोगों की एक साथ मौत होने से पूरा उथड़ग्रां सदमे हैं।हादसे के दौरान घटनास्थल पर चीखोपुकार मच गई। युवक जहां घायलों को रेस्क्यू करने में एसडीआरएफ की टीम की मदद करने लगे, वहीं महिलाएं अन्य घायलों और परिजनों को ढांढस बंधाती रहीं। हादसे की खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई और क्षेत्र के आसपास के गांवों के लोग भी घटनास्थल पर पहुंच गए। इस दौरान हर किसी की आंखों में आंसू थे। हादसे पर स्थानीय विधायक सुधीर शर्मा ने दुख व्यक्त किया है और घायलों और मृतकों के परिजनों की हरसंभव मदद करने की बात कही है।