हिसार के डाटा गांव की पर्वतारोही मीनू ने माउंट एवरेस्ट को फतह कर लिया है। मीनू ने बुधवार सुबह 6.25 बजे माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया। यदि मौसम और सेहत ने साथ दिया तो शुक्रवार को मीनू माउंट ल्होत्से को भी फतह कर लेंगी। मीनू ने पहली बार माउंट एवरेस्ट को फतह किया है। मीनू के पिता कृष्ण कुमार किसान हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने पर पिता ने बेटी का सपना पूरा करने के लिए 35 लाख रुपये का कर्ज लिया और अब बेटी ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगा फहराकर नाम रोशन किया है। मीनू को कई दिनों तक बेस कैंप में रहना पड़ाहालांकि बीच में मौसम खराब होने के कारण वह कई दिनों तक बेस कैंप में डटी रहीं। मगर उन्होंने हौसला नहीं हारा और पहली बार में ही विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह कर दिखाया। कृष्ण कुमार ने बताया कि बुधवार को सुबह 6.45 बजे मीनू के साथ गए टीम के सदस्य बोधराज से सेटेलाइट से कुछ मिनट ही बात हुई थी। उन्होंने कहा कि मीनू ने माउंट एवरेस्ट को फतह कर लिया है।माउंट एवरेस्ट से 150 से 200 मीटर नीचे है माउंट ल्होत्सेपर्वतारोही मीनू के पिता कृष्ण कुमार बताते हैं कि माउंट एवरेस्ट से माउंट ल्होत्से करीब 150 से 200 मीटर नीचे है। यदि मौसम ने साथ दिया तो मीनू शुक्रवार सुबह माउंट ल्होत्से भी फतह कर लेंगी। 11 मई को मीनू से कुछ मिनट के लिए ही बातचीत हुई थी। उसके बाद टीम के सदस्यों से ही बात हो पाई। अब बेटी 21 मई को बेस कैंप में पहुंचेगी। इसके बाद ही बेटी से बातचीत हो सकेगी। बता दें, कि पर्वतारोही मीनू मांउट एवरेस्ट के लिए 1 अप्रैल को हिसार से रवाना हुई थीं।रीना एक या दो दिन में फतह कर लेंगी माउंट एवरेस्टहिसार के श्यामलाल बाग की रहने वाली पर्वतारोही रीना भट्टी भी एक या दो दिन में माउंट एवरेस्ट फतह कर लेंगी। बीते मंगलवार को रीना की मां बाला देवी से बात हुई थी। इस दौरान रीना ने कहा कि अभी मौसम खराब होने के कारण वह कैंप में ही हैं। मगर दो दिन से परिवार के सदस्यों से रीना का संपर्क नहीं हो पा रहा है। रीना पहली बार माउंट एवरेस्ट फतह करने निकली हैं।अनीता कुंडू की तबीयत बिगड़ी, बोलीं-अब तक का सबसे कठिन था अभियानतीन बार माउंट एवरेस्ट फतह कर चुकीं फरीदपुर की बेटी पर्वतारोही अनीता कुंडू ने बुधवार को माउंट मकालू पर्वत की चोटी पर तिरंगा फहरा दिया। अनीता के सहयोगी रमेश कुमार ने बताया कि वीरवार को साढ़े आठ बजे अनीता ने सेटेलाइट से चार मिनट ही बात की। इस दौरान अनीता ने कहा कि उनकी तबीयत बिगड़ी है। मुंह में छाले हो चुके हैं। काफी थकावट है। अनीता अब वापस कैंप में आ रही हैं। मौसम साफ रहा तो शुक्रवार को वह बेस कैंप में पहुंच जाएंगी। अनीता ने बताया कि यह अब तक के सभी अभियान में सबसे कठिन सफर रहा। अनीता हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।