छत्तीसगढ़ में धरना, प्रदर्शन, आंदोलन को रोकने वाले सर्कुलर के खिलाफ भाजपा आक्रामक हो रही है। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने रविवार को भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि भूपेश सरकार 15 दिनों के अंदर सर्कुलर को वापस लें, अन्यथा भाजपा राज्य स्तर पर जनता के सहयोग से जेल भरो आंदोलन चलाएगी। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की ओर से इस तुगलकी आदेश को वापस नहीं लिया जाएगा तो भाजपा की ओर से हर ब्लाक और जिला मुख्यालय में जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। इस मसले को लेकर भाजपा संगठन के सीनियर नेता हर जिला मुख्यालय में जाकर प्रदेश सरकार की गलत नीतियों का विरोध कर रहे हैं।
अग्रवाल ने कहा कि पहली स्वतंत्रता की लड़ाई अंग्रेजों से लड़ी गई थी। उसके बाद दूसरी स्वतंत्रता की लड़ाई पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समय में आपातकाल के विरुद्ध लड़ी गई थी। अब स्वतंत्रता की तीसरी लड़ाई छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के खिलाफ लड़ी जाएगी। सरकार ने 21 अप्रैल को सर्कुलर निकालकर एक तरह से अघोषित आपातकाल घोषित कर दिया है।
अग्रवाल ने आरोप लगाया कि सरकार पूरी तरह अलोकतांत्रिक हो गई है। धरना, आंदोलन की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 19 बिंदुओं पर सर्कुलर जारी किया गया है और उसे कठोरता से लागू करने को कहा गया है। इस सर्कुलर के अनुसार आंदोलन करने वालों को शपथ पत्र देना होगा।
इसके अलावा स्वास्थ्य, पेयजल और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी भी आंदोलनकारियों को करनी होगी। जबकि आंदोलनकारी जब अनुमति लेते हैं, तो पेयजल और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी सरकार की होती है। उन्होंने पूछा कि डीआरएम कार्यालय के घेराव के लिए क्या कांग्रेस ने अनुमति ली थी। प्रदेश में किसान, युवा, शिक्षक, विद्यामितानों, पुलिस, बिजली कर्मी, महिलाओं, स्व सहायता समूहों, निराश्रित सभी के साथ सरकार ने धोखा किया है। आंदोलन से पहले शपथ पत्र देना, वालंटियर रखने संबंधित शर्तों पर भाजपा की ओर से आपत्ति जताई जा रही है। धरना-प्रदर्शन के माध्यम से अपनी बात रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था है।