प्रभावशाली लोगों का फोटो व्हाट्सएप डीपी पर लगाकर लोगों से रुपये मांगे जा रहे हैं। इस बार साइबर ठगों के निशाने पर बरेली नगर निगम के मुख्य अभियंता बीके सिंह आ गए। उनका फोटो व्हाट्सएप प्रोफाइल पर लगाकर नगर निगम के ही दूसरे अभियंताओं से रुपये मांगे गए। सदर कोतवाल को पत्र लिखकर रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा गया है।
मुख्य अभियंता बीके सिंह ने पुलिस को बताया है कि उनका फोटो व्हाट्सएप की प्रोफाइल पर लगाकर निगम में तैनात सहायक अभियंता राजीव कुमार शर्मा और अवर अभियंता पल्लवी सक्सेना को मेसेज भेजकर साजिश की गई है। उन्हें आशंका कि निगम के दूसरे अभियंताओं को भी लिंक भेजकर गिफ्ट वाउचर खरीदकर देने का झांसा दिया गया होगा। साइबर ठगों ने इन लोगों से रुपये की भी मांग की। जब लोगों ने उन्हें इस तरह की जानकारी दी तो उन्होंने कोतवाली पुलिस को पत्र भेजकर साजिश की आशंका जताई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।प्रभावशाली लोगों की फोटो लगाकर ठगी कर रहे अपराधीलोगों में साइबर अपराधों से बचने को लेकर जागरूकता बढ़ रही है, लेकिन साइबर अपराधी ठगी के नए पैंतरे इस्तेमाल कर रहे हैं। साइबर ठग रसूखदार लोगों के फोटो व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम से ले लेते हैं। हाल ही में व्यापारी नेता राजेंद्र गुप्ता समेत कई पत्रकारों का फोटो लगाकर इसी तरह की फेक आईडी बनाकर रकम मांगी गई। सोशल मीडिया पर नया अकाउंट बनाकर उस फोटो को प्रोफाइल के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। उनकी आईडी की हुबहू नकल बनाकर उनके परिचितों को मेसेज भेजकर रुपये की मांगते हैं। अक्सर प्रभावशाली व्यक्ति के मेसेज को देखकर उनके परिचित साइबर ठगों के जाल में फंस जाते हैं। इसलिए अगर कोई परिचित मेसेज भेजकर रुपये मांगता है तो विश्वास न करें। ये बरतें सावधानी किसी को आधारकार्ड या पैनकार्ड न भेजें। किसी नए लिंक पर क्लिक न करें, आपकी निजी जानकारी ठगों को मिल सकती है। किसी ऑफर या इनाम के झांसे में न आएं। किसी को ओटीपी न बताएं, बैंक संबंधी डिटेल न दें। वीडियो कॉल पर न्यूड वीडियो बनाकर ठगी के मामले बढ़े हैं, सावधान रहें।रात में सोते वक्त मोबाइल पर इंटरनेट बंद करना भी ठगी से बचाता है। फिजूल के एप डाउनलोड करने से बचें। ठगी होते ही 1930 टोल फ्री नंबर पर कॉल करें। ठगी का पता चलते ही तत्काल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत कर सकते हैं।