छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ की ओर से लगातार प्रदेश के 1 लाख 80 हजार से अधिक अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर मांग करते आ रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष रवि गड़पाले एवं प्रदेश संगठन मंत्री एवं जिलाध्यक्ष सुदेश यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की छत्तीसगढ़िया सरकार वर्तमान में अनियमित कर्मचारियों की मांगों को अनसुना कर रही है जबकि विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान अनियमित कर्मचारियों के संघर्ष के समय उनके मंचों में वर्तमान सरकार के मुख्यमंत्री, विभिन्न कैबिनेट मंत्री, विभिन्न विधायक तथा अनेकों जन प्रतिनिधियों ने जाकर 10 दिनों में नियमितीकरण का वायदा किया था।
अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने छंटनी नही किए जाने एवं आउटसोर्सिंग बन्द किए जाने के मुद्दे को जन घोषणा पत्र में सम्मिलित किया गया था। जिलाध्यक्ष सुदेश ने कहा है कि 7 चरणों का आंदोलन अनियमित कर्मचारियों द्वारा चालू कर दिया गया है। आर या पार नियमित इस बार के तर्ज पर मुहिम चल रही है। प्रथम चरण में 11जुलाई को प्रदेश के समस्त मुख्यालय में मशाल रैली निकाली गई और दूसरे चरण में 8 से 14अगस्त तक अगस्त क्रांति सप्ताह मनाया जाएगा, जिसके अंतर्गत 8अगस्त को अनियमित कर्मी जल समाधि लेंगे।