मनीलॉन्ड्रिग के जरिए रकम की हेराफेरी कर जमीन खरीदने का आरोप। ईडी ने सौम्या से पूछताछ के लिए 14 दिन की रिमांड मांगी, लेकिन कोर्ट ने 4 दिन की रिमांड को मंजूरी दी। साथ ही 6 दिसंबर की शाम 4 बजे पेश करने का फैसला सुनाया। पूछताछ के दौरान सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का पालन करने और अधिवक्ता की उपस्थति में करने कहा।
रायपुर. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार दोपहर को छत्तीसगढ़ में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री सचिवालय की उप सचिव सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें मेडिकल चेकअप के बाद शाम करीब 5 बजे ईडी के विशेष न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत की अदालत पेश किया। ईडी ने सौम्या से पूछताछ के लिए 14 दिन की रिमांड मांगी, लेकिन कोर्ट ने 4 दिन की रिमांड को मंजूरी दी। साथ ही 6 दिसंबर की शाम 4 बजे पेश करने का फैसला सुनाया। पूछताछ के दौरान सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का पालन करने और अधिवक्ता की उपस्थति में करने कहा।

ईडी ने कोर्ट में रिमांड आवेदन पेश करते हुए कहा कि तक की जांच में सारे इनपुट सौम्या चौरसिया की ओर इशारा कर रहे है। कोयले के कमीशन में करोड़ों रुपए की हेराफेरी करने की आशंका है। इसकी जांच करने के लिए पूछताछ करने की जरूरत है। इसलिए 14 दिन की रिमांड को मंजूर किया जाए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने इसका विरोध करते हुए कहा कि सौम्या के खिलाफ लगाए गए सारे आरोप बेबुनियाद हैं। ईडी जिस जमीन की बात कर रही है वह उनके परिवार वालों के नाम है। उन्होंने पुश्तैनी जमीन को बेचकर नए स्थान पर खरीदी है। ईडी मनीलॉन्ड्रिंग के जरिए खरीदने का झूठा आरोप लगा रही है। इन पुरानी जमीनों को नई दर पर वैल्युएशन किया जा रहा है। जबकि आयकर विभाग को इसका ब्यौरा दिया जा चुका है। ईडी छापेमारी करने के बाद से 200 करोड़ रुपए की मनीलॉन्ड्रिंग का आरोप लगा रही है। जबकि उनसे पास कोई दस्तावेज नहीं है। करीब पौन घंटे तक दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।
सस्ते में जमीन खरीदकर मंहगे दर पर बेचने का आरोप
ईडी की गिरफ्त में आई उपसचिव सौम्या चौरसिया की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता फैजल रिजवी ने पत्रकारों को बताया कि ईडी का सौम्या पर आरोप है कि उन्होंने माता,भाई और रिश्तेदारों के नाम से जमीन थी,उसे बेचकर सस्ते में जमीने खरीदी है।यह आयकर के दायरे में आता है।जबकि सौम्या की ओर से बताया गया कि ये जमीने पिता के नाम से थी,डायवर्सन कराने पर जमीनों का रेट बढ़ा है।कोल से उनका कोई कनेक्शन नहीं है।कोर्ट ने ईडी के हिरासत में पूछताछ के दौरान उनके वकीलों को दूर से देखने की छूट दी है।
भारी संख्या में बल तैनात
सौम्या को पेश करने के बाद कोर्ट परिसर और उसके आसपास के क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। रायपुर एसडीएम और तहसीलदार से लेकर पुलिस के आलाधिकारी तैनात थे। वहीं 50 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
पूछताछ के लिए 4 बार बुलवाया
कोर्ट में सौम्या चौरसिया और उनके अधिवक्ताओं ने बताया कि ईडी जानबूझकर उसे परेशान कर रही है। ईडी ने उसके पक्षकार को पूछताछ के लिए 4 बार बुलवाया है। लेकिन, उपस्थिति दर्ज कराने के बाद भी उससे पूछताछ नहीं की गई।
अब तक क्या-क्या हुआ
प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने आइएएस समीर बिश्नोई के यहां छापा मारकर 47 लाख रुपए नकद और दो करोड़ रुपए के गहने बरामद किए थे। उसके बाद 13 अक्टूबर को बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया गया था।कोर्ट ने पहले आठ दिन और बाद में छह दिन के लिए ईडी को रिमांड पर दिया था। यह रिमांड 27 अक्टूबर को पूरी हो रही थी।तब तक सरकार ने बिश्नोई के संबंध में कोई एक्शन नहीं लिया। इस बीच 19 अक्टूबर को एक आदेश जारी कर छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसाइटी-चिप्स में रितेश अग्रवाल को अस्थायी तौर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी नियुक्त कर दिया गया।बाद में समीर बिश्नोई को निलंबित किया गया।इसके बाद कोयला कारोबारी सुनील अग्रवाल,लक्ष्मीकांत तिवारी और सूर्यकांत तिवारी की गिरफ्तारी की गई।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व में ही कहा था कि राजनीतिक साजिशों को अंजाम देने के लिए ईडी का इस्तेमाल किया जा रहा है। सीएम ने यह भी कहा था कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएगा। वैसे-वैसे ईडी यहां डराने के लिए आती रहेगी। हाल ही में सीएम भूपेश ने ईडी के पूछताछ के तरीके पर आरोप लगाया था। इनके द्वारा किए जा रहे अमानवीय कृत्य बर्दाश्त नहीं किए जायेंगे। जरूरत पड़ी तो ईडी पर वैधानिक पुलिस कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ की @bhupeshbaghel सरकार ने अनुसूचित जाति के लिए 16% की जगह 13% और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10% की जगह 4% आरक्षण करके दोनों वर्गों के साथ विश्वासघात किया है। SC और ग़रीबों का अपमान हम कदापि नहीं सहेंगे। इसका #JCCJ सड़क से लेकर सदन तक पुरज़ोर विरोध करेगी।
— 𝐀𝐦𝐢𝐭 𝐀𝐣𝐢𝐭 𝐉𝐨𝐠𝐢 (@AmitJogi) December 1, 2022