खैरागढ़-राजनांदगांव। खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने जीत दर्ज कर ली है। उम्मीदवार यशोदा वर्मा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा प्रत्याशी कोमल को 20 हजार 67 वोटों से हरा दिया। इस जीत पर कांग्रेस प्रत्याशी यशोदा वर्मा ने कहा कि यह खैरागढ़ की जनता की जीत है। भूपेश सरकार के कामकाज पर जनता ने मुहर लगाई है।
21वें राउंड की मतगणना के बाद कांग्रेस प्रत्याशी यशोदा वर्मा करीब 21000 मतों से आगे चल रही है। दूसरे स्थान पर भाजपा के कोमल जंघेल हैं। पिछला चुनाव यहां से जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने जीती थी। उसके प्रत्याशी इस बार चौथे नंबर पर हैं।
15वें राउंड में कांग्रेस आगे चल रही है। अब कांग्रेस की बढ़त का अंतर बढ़ने लगा है। कांग्रेस उम्मीदवार यशोदा वर्मा भाजपा के कोमल जंघेल से 15633 मतों से आगे हैं।
दिवंगत विधायक देवव्रत सिंह के गांव उदयपुर में भी कांग्रेस आगे चल रही है। यहां से कांग्रेस ने 554 मतों से बढ़त हासिल की है। यशोदा को 804 और कोमल जंघेल को 250 वोट मिले हैं।
12वें राउंड में कांग्रेस ने बढ़त बनाई हुई है। यशोदा वर्माको 5178 व कोमल जंघेल को 3170 वोट मिले। इस तरह कांग्रेस को 2802 से बढ़त मिली है। अब कांग्रेस की कुल बढ़त 13175 हो गई।
10वें राउंड में कांग्रेस को एक बार फिर बड़ी बढ़त मिली। इसमें कुल 2116 मतों से बढ़त के साथ कांग्रेस ने जीत की ओर कदम बढ़ा दिया है। यशोदा वर्मा को 4705 और कोमल जंघेल को 2589 वोट मिले हैं। इस तरह कुल बढ़त 12,000 से अधिक मतों की हो गई है। खास बात यह है कि पहले यह सीट जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के पास थी। इस चुनाव में उसके प्रत्याशी चौथे नंबर पर हैं।
नौवें राउंड में कांग्रेस छह मतों से आगे रही। यशोदा वर्मा को 4310 और भाजपा के कोमल को 4304 वोट मिले हैं। सातवें राउंड की मतगणना के बाद कांग्रेस 9991 मतों से आगे हो गई है। सातवें राउंड में जिस क्षेत्र की मतगणना हुई है वह भाजपा प्रत्याशी कोमल जंघेल के लिए गांव घिरघोली और आसपास वाला एरिया है, जहां कांग्रेस ने पहले से जरूर कम बढ़त ली। लेकिन उनकी बढ़त बरकरार रही।
इससे पहले छठवें दौर की मतगणना के बाद भी कांग्रेस प्रत्याशी यशोदा वर्मा बढ़त बनाए हुए हैं। छह चक्रों की गणना के बाद कांग्रेस प्रत्याशी 8986 मतों से आगे हो गई है। छठवें राउंड में कांग्रेस को सर्वाधिक ढाई हजार मतों की बढ़त मिली। अब दौर में गंडई नगर और आसपास के गांव के मतों की गिनती की जा रही है। जबकि दूसर नंबर भाजपा के कोमल जंघेल हैं।

कांग्रेस प्रत्याशी यशोदा वर्मा 6827 मतों से आगे चल रही है। इससे पहले 4 चक्रों की मतगणना के बाद कांग्रेस 3802 मतों से बढ़त बनाए हुए हैं। दूसरे चरण की मतगणना भी पूरी हो गई है। इसमें कांग्रेस प्रत्याशी वर्मा 1272 मतों से आगे हुई। इस तरह दो चक्रों को मिलाकर उनकी बढ़त अब 2575 हो गई है। दूसरे चक्र में भाजपा के कोमल जंघेल को 2932 वोट मिले हैं।
उपचुनाव के लिए मतगणना का पहला दौर पूरा हो गया है। इसमें कांग्रेस की यशोदा वर्मा 1303 मतों से आगे है। कांग्रेस प्रत्याशी को 3898 और भाजपा प्रत्याशी कोमल जंघेल को 2595 वोट मिले हैं। कुल 6984 मतों की गिनती पहले चक्र में हुई है। इसमें से 134 वोट नोटा को मिला है।
इससे पहले डाक मतपत्रों की गिनती के लिए पेटियां खोली गई। डाक मतों की गिनती के बाद ईवीएम में पड़े वोटों की निगती शुरू की गई। कलेक्टर एवं अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में मतगणना की प्रक्रिया शुरू कराई गई।
उपचुनाव में कुल 165978 वोट पड़े हैं। इनकी गिनती के लिए मतगणना स्थल बीज निगम के गोदाम में 14 टेबल लगाए गए हैं, जहां 21 चक्रों में मतगणना पूरी की जाएगी। इसके लिए 250 अधिकारी कर्मचारी लगाए गए हैं। हर टेबल में एक माइक्रो आब्जर्वर और दो कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। साथ में सभी प्रत्याशियों के एक-एक अभिकर्ता भी मतगणना स्थल पर मौजूद हैं।
खैरागढ़ क्षेत्र के लोगों को शनिवार को नया विधायक मिल जाएगा। जीतने वाला प्रत्याशी क्षेत्र के 17वें विधायक होंगे। 1957 से अस्तित्व में आए इस विधानसभा क्षेत्र में अब तक 13 बार आम व चार बार उपचुनाव हुए हैं। अभी वाले उपचुनाव में कुल 10 प्रत्याशियों ने भाग्य आजमाया है। इनकी किस्मत की पेटियां शनिवार को सुबह मतगणना स्थल बीज निगम के गोदाम में खुलने जा रही है।
विधानसभा उप चुनाव के लिए 16 अप्रैल को मतगणना होगी। इसके लिए 14 टेबल लगाए जा रहे हैं। कुल 1,65,798 मतों को गिनने में 21 चक्र लगेंगे। यानी हर चक्र में करीब 7900 मतों को गिना जा सकेगा। एक चक्र की गिनती में अनुमानत: आधे घंटे का समय लग सकता है। यानी मतगणना पूरी होने में देर शाम हो सकती है। ईवीएम को कमला कालेज भवन में बनाए गए स्ट्रांग रूम में रखा गया है। मतगणना उसी से लगे बीज निगम के गोदाम में कराई जाएगी। हर दौर की गिनती पूरी होनेे के पहले ही अगले चक्र के लिए ईवीएम को गणना स्थल पर ला लिया जाएगा। ताकि गिनती की प्रक्रिया रूकने न पाए।
ये हैं अब तक के विधायक
अस्तित्व में आने के बाद खैरागढ़ में पहला चुनाव 1957 में हुआ था। ऋतुपर्ण किशोरदाल पहले विधायक चुने गए थे। 1962 में लाल उमेंद्र सिंह, 1967 वीरेंद्र बहादूर सिंह, 1972 में विजयलाल ओसवाल, 1977 में माणिकलाल गुप्ता, 1980, 1985 1990 व 1993 में रश्मिदेवी सिंह, 1995, 1998, 2003 में देवव्रत सिंह, 2006 व 2008 में कोमल जंघेल, 2013 में गिरवर जंघेल व 2018 में फिर देवव्रत सिंह विधायक चुने गए थे। इस तरह शनिवारराके जीतने वाले प्रत्याशी खैरागढ़ के 17वें विधायक बनेंगे।
पल-पल की खबर लेगा हाईकमान
खैरागढ़ उपचुनाव सत्ताधारी कांग्रेस के साथ ही भाजपा के लिए भी प्रतिष्ठा वाला रहा है। इस कारण दोनों दलों के शीर्ष नेताओं ने प्रचार में ताकत झोंकी है। शनिवार को मतगणना के दौरान परिणाम को लेकर भी हाईकमान पूरे समय सक्रिय रहने वाला है। इसके लिए कांग्रेस ने संगठन स्तर पर हाईकमान को सतत रिपोर्टिंग की कार्ययोजना बनाई है। साथ ही हाईकमान ने भी पल-पल की रिपोर्ट लेने के लिए अलग से तैयारी की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम खुद मतगणना के दौरान कुछ घंटों तक शहर में ही मौजूद रहकर पूरी जानकारी पदाधिकारियों से लेते रहेंगे। वे मतगणना स्थल पर भी जा सकते हैं। उधर भाजपा में पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह व प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने भी चक्रवार रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट के माध्यम से वे पूरी मतगणना पर नजर रखेंगे।