संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की ओर से सिविल सेवा 2021 परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया गया है। परीक्षा परिणाम में टॉप-3 में लड़कियां ही शामिल हैं। पहला स्थान – श्रुति शर्मा, दूसरा स्थान- अंकिता अग्रवाल, तीसरा स्थान- गामिनी सिंगला, चौथा स्थान – ऐश्वर्य वर्मा ने प्राप्त किया है। उम्मीदवार यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाकर अपना परिणाम चेक कर सकते हैं।
टॉपर बनीं श्रुति शर्मा
उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रहने वाली श्रुति शर्मा ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में पहला स्थान प्राप्त कर परिवार का मान बढ़ाया है। परिणाम पर पहली प्रतिक्रिया देते हुए श्रुति शर्मा ने अपनी सफलता का क्रेडिट उन सभी को दिया है जो इस सफर में उनके साथ रहे हैं। उन्होंने अपने परिजनों और दोस्तों, जिन्होंने उनका हर समय साथ दिया उन्हें धन्यवाद दिया है।
जेएनयू से पढ़ीं है श्रुति
श्रुति शर्मा दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा हैं। जानकारी के मुताबिक उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया आवासीय कोचिंग अकादमी में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की थी। उन्होंने बताया कि इस सफलता को प्राप्त करने के लिए उन्हें मेहनत और संयम की जरूरत थी।
आईएएस बनना चाहती हैं
श्रुति शर्मा ने बताया कि परिणाम से वह आश्चर्य में हैं। वह बीते चार वर्षों से सिविल सेवा की तैयारी कर रही थीं। श्रुति शर्मा का सपना आईएएस बनने का है। वह भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती हैं।
जामिया से कर रही थी तैयारी
उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रहने वाली श्रुति शर्मा जामिया मिलिया इस्लामिया आवासीय कोचिंग अकादमी (RCA) से अपनी सिविल सेवा की तैयारी कर रही थीं। आरसीए को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यकों जैसी श्रेणियों से संबंधित छात्रों को मुफ्त कोचिंग और आवासीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए वित्त पोषित किया जाता है। जामिया के एक अधिकारी ने बताया है कि कोचिंग अकादमी के 23 छात्रों ने सिविल सेवा परीक्षा पास की है।
इतने उम्मीदवारों ने पाई सफलता
संघ लोक सेवा आयोग की ओर से जारी किए गए परिणाम के अनुसार इस परीक्षा में कुल 685 उम्मीदवारों का चयन किया गया है। संघ लोक सेवा आयोग की ओर से हर साल आईएएस, आईपीएस और आईएफएस के पदों पर चयन हेतु सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन किया जाता है।
दूसरी रैंक पाकर बहुत खुश हूं : अंकिता
अंकिता ने अकादमी से ही फोन पर बात करते हुए कहा कि मैं दूसरी रैंक पाकर बहुत खुश हूं। मैंने आईएएस को चुना है और सेवा में शामिल होने के बाद महिला सशक्तीकरण, प्राथमिक स्वास्थ्य और स्कूली शिक्षा क्षेत्रों के लिए काम करना चाहती हूं।
पहले ही प्रयास में आईआरएस बनी थीं
अंकिता अपने पहले ही प्रयास में आईआरएस (Indian Revenue Service) में चुनी गई थीं। अब तीसरे प्रयास में न केवल आईएएस चुनीं गईं बल्कि सिविल सेवा परीक्षा की दूसरी टॉपर बनकर इतिहास भी रच दिया है।