मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना की दुकानों के आवंटन में अनियमितता से जुड़े मामले में भाजपा ने छुरिया नगर पंचायत में उपाध्यक्ष सलमान खान के अलावा अपने सभी सात पार्षदों को पार्टी से निलंबित कर दिया है। संगठन के निर्देश के बाद भी इन पार्षदों ने दुकान आवंटन का विरोध नहीं किया। इतना ही नहीं विपक्ष में रहने के बाद भी सत्ता पक्ष के साथ खड़े रहे। पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए सभी को छह-छह वर्षों के लिए निलंबित कर दिया।
छुरिया में स्वावलंबन योजना के तहत निर्मित दुकानों के आवंटन में अनियमितता की शिकायत है। यह मामला पखवाड़ेभर से गर्माया हुआ है। पहले कांग्रेसनीत परिषद आरोपों के घेरे में आई। बाद में भाजपा पार्षद व नगर पंचायत उपाध्यक्ष सलमान खान की भी इसमें संलिप्तता सामने आई। इस बीच उन्होंने पद से इस्तीफा भी दे दिया, लेकिन पार्षदों ने संगठन के निर्देशों को दरकिनार कर सत्ता पक्ष का साथ देना नहीं छोड़ा।
बताया गया कि 18 जून को पार्टी की तरफ से मंडल अध्यक्ष रविंद्र वैष्णव ने नपं उपाध्यक्ष सलमान खान के अलावा पार्षद सीमा सिन्हा, रमेश कश्यप, त्रिवेणी कुंभकार, भारती रजक, द्रोपदी मंडावी, .योगेश्वर पटेल व भूषण नेताम को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। पार्षदों के जवाब से् संगठन संतुष्ट नहीं हुआ। सोमवार को उक्त सभी को पार्टी से निलंबित कर दिया गया। मंडल अध्यक्ष वैष्णव ने बताया कि अनुशासनहीनता के चलते यह कार्रवाई जिलाध्यक्ष मधुसूदन यादव ने की है।
छुरिया नपं में कुल 15 पार्षद हैं। वर्ष 2019 में हुए आम चुनाव में आठ पार्षदों के साथ भाजपा ने बहुमत तो हासिल किया, लेकिन अध्यक्ष के चुनाव में क्रास वोटिंग के चलते उसे सत्ता हासिल नहीं हो सकी। अध्यक्ष के रूप में राजकुमारी सिन्हा की जीत हुई। हालांकि उपाध्यक्ष का चुनाव भाजपा ने जरूर जीता लिया। उल्लेखनीय है कि गंडई व छुईखदान नगर पंचायत में सत्तासीन रही भाजपा आपसी गुटबाजी के कारण अध्यक्ष की कुर्सी खो चुकी है। भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस के साथ मिलकर पहले अविश्वास प्रस्ताव लाया। बाद में समर्थन देकर कांग्रेस को सत्ता सौंप दी। संगठन ने वहां भी तब पार्षदों को निष्कासित किया था।