सलोनी उपजेल की घटना, एक परिसर में ही और दूसरा बफरा गांव में गिरफ्तार
खैरागढ़. सलोनी उप जेल में बंद दो बंदी रविवार को जेल की 23 फीट दीवार फांद कर फरार होने का प्रयास कर रहे थे। एक बंदी को प्रहरियों ने जेल में ही दबोच लिया। वहीं दूसरा बंदी दीवार फांदकर बाहर निकलने में कामयाब हो गया था। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों बंदी पहले से जेल से भागने की तैयारी में जुटे थे। फरार होने की कोशिश करने वाला बंदी मोहनलाल अजमेरिया मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले का रहने वाला है, जो नाबालिग बच्ची के अपहरण और बलात्कार जैसे गंभीर अपराध में गिरफ्तार हुआ है।
कुछ माह पहले उप जेल खैरागढ़ में बंद है। वहीं दूसरा आरोपी राजनांदगांव का निवासी अमित सिंह है, जो लूट के अपराध में बंदी है। दोनों कैदियों ने मिलकर जेल की दीवार फांदने की योजना बनाई। दीवार फांदकर मोहनलाल तो फरार हो गया, लेकिन अमित सिंग जेल कंपाउंड में ही धरा गया। मोहनलाल के फरार होने की सूचना पर पुलिस तत्काल हरकत में आई और ग्रामीणों की सहायता से मोहनलाल को ग्राम बफरा के खेत से धर दबोचा। फिलहाल, दोनों कैदियों पर धारा 224 के तहत कार्यवाही की जाएगी।

जानकारी देने से बचते रहे
मामले में जेल प्रशासन की बड़ी चूक सामने आई है। हालांकि दोनों बंदियों को मशक्कत के बाद पकड़ लिया गया है, लेकिन जेल में बंदियों की प्लानिंग और दीवार फांदने पर जेल प्रशासन और जिम्मेदार जवानों पर क्या कार्यवाही तय होगी। इसको लेकर जेल प्रशासन जानकारी देने से बच रहा है।