राजनांदगांव. भारतीय कला संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कृत संकल्पित संस्था चक्रधर कत्थक कल्याण केन्द्र संस्कारधानी राजनांदगांव विगत सैतीस वर्षो से वरिष्ठ एवं युवा कलाकारों को आमंत्रित कर संस्कारधानी के कला प्रेमी जनता को बाहर से आये हुए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय कलाकारों की कला को देखने व सुनने का अवसर मिलता रहा है।
साथ ही राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों से राजनांदगांव व छत्तीतसगढ़ अंचल के बाल एवं युवा कलाकारों को नजदीक से जानने व प्रेरणा एवं मार्गदर्शन सदैव मिलता रहा है।
संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली के सहयोग से सी.एफ.पी.जी.एस. स्कीम के अंतर्गत तीन दिवसीय दिनांक तीन, चार, पांच फरवरी 2023 से प्रतिदिन संध्या छह बजे से चक्रधर कत्थक कल्याण केन्द्र संगीत महाविद्यालय के वेदांग पब्लिक स्कूल परिसर ग्राम सांकरा सोमनी राजनांदगांव में आयोजित किया जा रहा है संपूर्ण कार्यक्रम नि:शुल्क किया जा रहा है। कार्यक्रम के संयोजक पदम विभूषण स्व. पं. बिरजू महराज जी के शिष्य डॉ. कृष्ण कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में अपने गुरू स्व. पं. बिरजू महराज जी के जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। सप्तरंग समारोह के प्रथम दिवस दिनांक तीन फरवरी को नागपुर महाराष्ट्र की सुप्रसिद्ध कत्थक नृत्य गुरू एवं नृत्यांगना श्रीमती प्रियंका अभ्यंकर जी एवं उनके साथियों द्वारा शास्त्रीय नृत्य कत्थक की विभिन्न आयामों एवं विभिन्न नृत्य संरचनाओं का प्रदर्शन होगा। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध कलाकारों द्वारा पारंपरिक लोकनाट्य नाचा के साथ करमा ददरिया एवं बारहमासी नृत्य संगीत की रंगारंग प्रस्तुतियां होगी।
उदघाटन कार्यक्रम दिनांक 3 फरवरी को निम्न अतिथि के आतिथ्यमय में कार्यक्रम संपन्न होगा – श्रीमान सुनील मुंदड़ा जी (समाज सेवी एवं उद्योगपति), श्रीमान राजेश जैन जी (चार्टेड एकाउंटेंट एवं समाजसेवी), श्रीमान सूरज बुद्धदेव जी (संपादक दैनिक दावा), श्रीमान मनोज गोलछा जी (प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य संस्कृति रक्षक संघ, राजनांदगांव) के आतिथ्य में होगा।
चार फरवरी दिन शनिवार को शाम 6 (छह) बजे नृत्य अवतार स्व. पं. बिरजू महराज जी के जन्म दिवस के रूप में मनाया जायेगा। इसी अवसर पर गुरू डॉ. राखी राय की शिष्य सुश्री पलक उपाध्याय द्वारा भरतनाट्यम नृत्य की प्रस्तुति होगी। वहीं भगवान श्री कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा एवं वृन्दावन के पवित्र मंदिरा में अपने नृत्य की छठा बिखेरने वाले अंतर्राष्ट्रीय युवा कलाकार आशीष सिंह जी मथुरा (उत्तरप्रदेश) का कत्थक नृत्य की प्रस्तुति होगी।
साथ ही संस्कारधानी राजनांदगांव चक्रधर कत्थक कल्याण केन्द्र की युवा एवं बाल कलाकारों द्वारा पदमविभूषण स्व. पं. बिरजू महराज जी द्वारा रचित नृत्य संरचना गुरू चरणन में शीष झुकाऊँ व कृष्ण लीलाओं पर आधारित धु्रपद एवं होली नृत्यों की प्रस्तुति होगी।
पांच फरवरी 2023 राष्ट्रीय सप्तरंग समारोह के अंतिम दिन डॉ. के. रोहन नायडू रायपुर (छ.ग.) द्वारा स्वतंत्र वायलिन वादन, तबला व संगत प्रांतिक फुकन। शास्त्रीय गायन जुगलबंदी श्री शुभम ठाकुर, श्री कुंदन भट्ट (चंबा, हिमाचल प्रदेश/ भागलपुर, बिहार) संगतकार – श्री दीप सुंदर भौमिक, श्री प्रांतिक फुकन (हारमोनियम में संगत देंगे, कोलकत्ता) वाद्यवृंद :- वायलिन सुश्री अहाना रॉय (अगरतला), श्री निखिल ठाकुर (बालोद), श्री मुकेश जांगड़े (बेमेतरा), सुश्री अनन्या चावलानी (कोरबा), श्री मानस मयंक (गिरिडीह, झारखंड)
सितार – श्री इकशेब सेठिया (जगदलपुर), सुश्री सोनी कुमारी (सुपाउल, बिहार)
सरोद – श्री अभिषेक पटेल (सक्ति छत्तीसगढ़)
तबला – श्री प्रांतिक फूकन (शिवसागर, असम), श्री रविन्द्र ठाकुर (आष्टा, मध्यप्रदेश)
कीबोर्ड – श्री विशाल मंडावी (जगदलपुर)
होली स्पेशल – छत्तीसगढ़ आंचल के लोक कलाकारों द्वारा फाग होली नृत्य संगीत की आकर्षक प्रस्तुति होगी।