बिलासपुर। शिक्षा के बिना अच्छे व्यक्तित्व की परिकल्पना नहीं की जा सकती है। उक्त बातें नेहा पब्लिक स्कूल नवीन भवन का शिलान्यास कार्यक म में विध्ाायक धर्मजीत सिंह ने भूमि पूजन करते हुए कही। उन्होंने कहा जिस तरह वृक्ष हम लगाते हैं लेकिन फल हमारे आने वाली पीढ़ी खाती है ठीक उसी प्रकार आज हमने नवीन शाला भवन की शिलान्यास की नींव रखी है। इसमें बच्चांे को सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही उन्होंने अपने मद से आर्थिक सहयोग करने की बात कहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते सतनामी समाज के प्रदेशाध्यक्ष डा.राजाराम बनर्जी ने कहा कि शिक्षा समाज का दर्पण है जो हमारे जीवन पर्यन्त काम आती हैं। इस तरह बच्चांे के सर्वांगीण विकास के लिए ग्रामीण क्षेत्र में भव्य भवन का शिलान्यास होना अपने आपमें ऐतिहासिक है। हमने भी अपने क्षेत्र में स्कूल कालेज की स्थापना की जहां लगभग 3000 बच्चे अध्ययनरत है। अतिविशिष्ट अतिथि जनपद पंचायत लोरमी अध्यक्ष प्रतिनिधि एवं ब्लाक कांग्रेस कमेटी लोरमी के अध्यक्ष नरेश पाटले ने कहा की ऐसे दूरस्थ अंचल में हिंदी माध्यम के साथ-साथ कक्षा नर्सरी से 12वीं तक अंग्रेजी माध्यम से भी विद्यालय सुचारू रूप से संचालन करना क्षेत्रवासियों के लिए गौरव की बात है। स्कूल संचालक सुनील लहरे के मांग पर अपने जनपद मद से बोर खनन कराने की बात कहीं। कार्यक्रम को पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामेश्वर बंजारे, जवाहर साहू, सुखनंदन घुमसरे, सरपंच खैरवारखुर्द रामशरण खांडेकर,जनपद सदस्य वीणा मारखंडे ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन त्रिलोक कोशले व आभार शिक्षक अशोक टोंडे ने किए ।
भुरकुंडा के जर्जर स्कूल में पढ़ रहे विद्यार्थी : वित्तीय वर्ष 2019-20 में ग्राम भुरकुंडा में हाई स्कूल भवन के निर्माण निर्माण नहीं होने से समस्या से स्कूल के छात्र सहित श्ािक्षक परेशान हैं। के लिए 75 लाख रुपए की स्वीकृति हुई थी , भवन निर्माण के लिए भूमि पूजन विधायक डा. केएम बांधी ने वर्ष 2020 में किया था। निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी ने निर्माण कार्य बंद कर दिया जो आज पर्यन्त तक बंद ही है। तीन वर्ष गुजर गए बिना शाला भवन के शाला में बच्चों की पढाई तो दूर बैठने तक की जगह नहीं होने से कई तरह की परेशानियों हो रही है । मिडिल स्कूल को प्रोन्न्त कर हाईस्कूल शुरू किया गया था । मिडिल स्कूल का भवन भी जर्जर हो गया है कि उसका छत का प्लास्टर प्र.प्राचार्य.आदित्य वैष्णव के उपर ही गिर गया था जिसमे वे बाल बाल बचे थे ।