रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने देह व्यापार में संलिप्त एक महिला दलाल को गिरफ्तार किया है। ये महिला दलाल शहर के होटल हयात में रह रही थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने इसे अपनी गिरफ्त में ले लिया है।
पहले भी 11 महिलाएं हो चुकी हैं गिरफ्तार
दरअसल, 24 जुलाई (रविवार) को मुखबीर की सूचना और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एसीसीयू (ACCU)और तेलीबांधा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने होटल हयात में रेड मारकर देह व्यापार में संलिप्त 11 महिलाओं सहित दलाल विप्लव चौरड़िया और पंकज गोयल को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके कब्जे से 14 मोबाइल और 8 हजार रुपये कैश बरामद किया था।
कई राज्यों में पुरुष दलालों से है संपर्क
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ करने पर आरोपियों ने इस व्यवसाय में संलिप्त एक महिला दलाल के संबंध में जानकारी दी। आरोपियों ने बताया कि महिला दलाल रायपुर के ही एक होटल में ठहरी है। जानकारी पर टीम ने महिला दलाल को मौके पर जाकर पकड़ा। पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह मुख्यतः नेपाल की रहने वाली है और दिल्ली के बसंतकुंज में रहती है। वह देह व्यापार के व्यवसाय में काफी दिनों से शामिल है। उसका रायपुर सहित अन्य राज्यों के कई पुरुष दलालों से संपर्क है।
दो महिलाओं को भेजा था रायपुर
मामले में गिरफ्तार 2 महिलाओं को इसी महिला दलाल ने रायपुर भेजा था। पुलिस ने महिला दलाल को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 2 iPhone और कैश बरामद किया। साथ ही पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ तेलीबांधा थाने में अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम 1956 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
रायपुर में रहकर होटल बुक करवाने वालों की पुलिस ले रही जानकारी
होटल हयात में देह व्यापार का भंड़ाफोड़ होने के बाद रायपुर के अन्य होटलों में भी पुलिस ने छापेमारी की। स्टेशन रोड और वीआइपी रोड के होटलों में पुलिस ने जांच की। वहां से पुलिस ने आनलाइन होटल बुक करवाने वालों की जानकारी मांगी है। इसके अलावा ऐसे लोगों के बारे में पूछा गया है कि जो लोग रायपुर के हैं और होटल में कमरा बुक करवा रहे हैं।
पूरी रकम का 25 प्रतिशत दलाल के पास
पुलिस का कहना है कि देह व्यापार का मास्टर माइंड दलाल विप्लव चौरड़िया है। हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, मुंबई, नेपाल सहित अन्य राज्यों में इसका नेटवर्क है। विप्लव मूलत: बालाघाट, मध्यप्रदेश का रहने वाला है। वह सट्टा के कारोबार से भी जुड़ा था। विप्लव ने रायपुर के रहने वाले पंकज गोयल को अपने साथ लिया और राजधानी में अवैध कारोबार शुरू कर दिया। वह रायपुर के पचपेढ़ी नाका में नाम बदलकर रहता हैं।
वाट्सएप से लड़कियों की बुकिंग के दौरान भी अपना नाम सही नहीं बताता था। वह केवल वाट्सएप पर बात करता था, ताकि कोई रिकार्डिंग न हो सके। लड़कियों की फोटो भी वाट्सएप के माध्यम से भेजी जाती थी। ग्राहकों से सौदा करने के बाद पूरी रकम का 25 प्रतिशत यही रखता था। लड़कियों को 35 प्रतिशत नकद दिया जाता था। बाकी रकम, होटल और आने-जाने के खर्च के लिए निकाला जाता था।