एकनाथ शिंद ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। वहीं देवेंद्र फडणवीस भी उपमुख्यमंत्री बनने के लिए तैयार हो गए हैं। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी।
एकनाथ शिंदे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी। शिंदे ने मराठी में शपथ ली। बता दें कि देंवेंद्र फडणवीस ने ही ऐलान किया था कि एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि वह खुद सरकार में नहीं होंगे और बाहर से सरकार की मदद करेंगे। हालांकि बाद में जेपी नड्डा ने खुद मीडिया के सामने आकर कहा कि पार्टी चाहती है कि वह उपमुख्यमंत्री बनें।
डिप्टी सीएम बने देवेंद्र फडणवीस
पांच साल तक महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री रहने वाले देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। जब वह शपथ लेने चले तो विधायकों ने उनके समर्थन में नारेबाजी की। बता दें कि एकनाथ शिंदे ने 40 शिवसेना के विधायकों के साथ कुल 50 विधायक होने का दावा किया है। वहीं भाजपा के 106 विधायक हैं।
शपथ ग्रहण के मौके पर एकनाथ शिंदे का परिवार भी राजभवन पहुंचा। बता दें कि एकनाथ शिंंदे उद्धव सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। शपथ ग्रहण में शिवसेना के विधायक शामिल नहीं हो सके। दरअसल बागी विधायकों इस समय गोवा के होटल में ही हैं। हालांकि शपथ के दौरान उन्होंने गोवा के होटल में ही जश्न मानाया। भाजपा के नेता शपथ ग्रहण में पहुंचे।
देवेंद्र फडणवीस के ‘त्याग’ की नड्डा ने की तारीफ
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने देवेंद्र फडणवीस की तारीफ करते हुए कहा कि एकनाथ शिंदे जी और देवेंद्र फडणवीस जी को बधाई। आज ये सिद्ध हो गया कि BJP के मन में कभी मुख्यमंत्री पद की लालसा नहीं थी। 2019 के चुनाव में स्पष्ट जनादेश मा. नरेंद्र मोदी जी एवं देवेंद्र जी को मिला था। उद्धव ठाकरे ने CM पद के लालच में हमारा साथ छोड़कर विपक्ष के साथ सरकार बनाई थी। उन्होंने कहा कि पार्टी चाहती है कि देवेंद्र फडणवीस सरकार में रहें और उपमुख्यमंत्री का पदभार संभालें।
‘बालासाहेब के हिंदुत्व को बढ़ाएंगे आगे’
इससे पहले सीएम चुने जाने के बाद एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde News) ने कहा कि हम महाराष्ट्र के विकास के लिए साथ आए हैं. हमने जो कदम उठाया है वो किसी ने कुछ पाने के लिए नहीं किया है. यह सब एक विचार, बालासाहेब ठाकरे जी का हिंदुत्व और राज्य के विकास की बात है. इसलिए हम यह एजेंडा लेकर आगे जा रहे थे. शिंदे ने कहा कि शिवसेना के 40 विधायक और निर्दलीय विधायकों को मिलाकर 50 विधायक आज एक साथ हैं. हम लोग हमारे शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे जी की हिंदुत्व की जो भूमिका है उसको आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे है. उन्होंने कहा कि संख्या बल के आधार पर फडणवीस मुख्यमंत्री बन सकते थे, लेकिन उन्होंने बड़ा दिल दिखाया और मैं इसके लिये उन्हें धन्यवाद देता हूं.
‘MVA ने जनादेश का किया अपमान’
वहीं, देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने कहा कि महाराष्ट्र में हुये विधानसभा चुनाव में लोगों ने भाजपा-शिवसेना गठबंधन को जनादेश दिया था, लेकिन इसका अपमान करते हुये महा विकास आघाड़ी सरकार का गठन किया गया. उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे शिवसेना के समूह नेता हैं, जो कांग्रेस और राकांपा के साथ गठबंधन समाप्त करना चहते हैं, लेकिन उद्धव ठाकरे नहीं माने.
ऑटोरिक्शा ड्राइवर से सीएम तक का सफर
एकनाथ शिंदे का जन्म 9 फरवरी 1964 को हुआ था. वह मराठा समुदाय से संबंध रखते हैं. उनका परिवार आजीविका कमाने के लिए सतारा से मुंबई के पास ठाणे में आकर बस गया था. एकनाथ शिंदे ने मंगला हाई स्कूल और जूनियर कॉलेज ठाणे में 11वीं तक पढ़ाई की है.
80 के दशक में शुरू हुआ राजनीतिक सफर
राजनीति में आने से पहले वह अपने परिवार की मदद करने के लिए ऑटो रिक्शा चलाते थे. शिंदे का राजनीतिक सफर 1980 के दशक में शुरू हुआ था. उन्हें उस समय ठाणे के शिवसेना अध्यक्ष आनंद दीघे ने राजनीति में अवसर दिया था. साल 2001 में दीघे के निधन के बाद उनकी राजनीतिक विरासत को एकनाथ शिंदे ने ही आगे बढ़ाया. साल 2004 से अब तक वह चार बार राज्य विधानसभा के लिए चुने गए हैं.