हरियाणा के बच्चों ने जेईई मेन परीक्षा के परिणाम में कमाल का प्रदर्शन किया है। परिणाम में आगे रहे बच्चों ने विपरित स्थितियों में पढ़ाई कर ये कमाल करके दिखाया है और परिवार को बहुत अच्छे अंक प्राप्त कर दिखाए।जन्म से ही एक किडनी के सहारे संघर्ष कर रही जींद जिले के गांव सिंगोवाल निवासी नेहा ने विपरीत परिस्थितियों में हिम्मत नहीं हारी, क्योंकि उसके सिर पर कंप्यूटर इंजीनियर बनने का जुनून सवार था। नेहा ने जेईई मेन की परीक्षा में 95.6 पर्सेंटाइल प्राप्त किया है। सभी बच्चे बड़े संघर्ष के साथ मुकाम तक पहुंचेजिले के देवलावास स्थित शिक्षा विभाग के विकल्प फाउंडेशन की ओर से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सुपर-100 नामक कार्यक्रम चलाया हुआ है, जिसमें जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क कोचिंग दी जाती है। जेईई मेन परीक्षा में सुपर-100 के दो छात्रों ने 99 पर्सेंटाइल से अधिक अंक लाकर कमाल कर दिया है। परीक्षा में विकास ने 99.58 पर्सेंटाइल व विकास कुमार ने 99.08 पर्सेंटाइल हासिल कर नाम रोशन किया है। इतना ही नहीं, संस्थान के 11 विद्यार्थी 95 पर्सेंटाइल से अधिक, 35 विद्यार्थी 90 पर्सेंटाइल से अधिक, 78 विद्यार्थी 80 पर्सेंटाइल से अधिक अंक हासिल किए हैं। यह सभी बच्चे बड़े संघर्ष के साथ यहां पहुंचे हैं। नेहा के पिता ट्रक चालकजींद के गांव सिंगोवाल की रहने वाली नेहा ने जेईई मेन में 95.6 पर्सेंटाइल प्राप्त किया है। पिता सुरेश ट्रक चालक हैं, जिन्होंने बड़े संघर्ष के साथ मुझे पाला है। मेरी बचपन से ही पढ़ने में काफी रुचि थी। विकल्प फाउंडेशन मेरे लिए सर्वोत्तम शिक्षा का साधन रहा है। मेरी एक ही किडनी है। इसका मुझे 10वीं कक्षा में पता चला। इसकी वजह से मुझे कभी-कभी डर भी लगता है, लेकिन जिंदगी में कभी हार नहीं मानी, क्योंकि मैं कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहती हूं। मैं नए विद्यार्थियों से कहना चाहती हूं कि तब तक संघर्ष करो, जब तक कि सफलता न मिल जाए। दादा की प्रेरणा से 99.57 पर्सेंटाइल प्राप्त किया : विकासमैं विकास सिरसा जिले के गांव बिरोखा का रहने वाला हूं। जेईई मेन में मेरी 99.57 पर्सेंटाइल आया है। मेरे पापा रघुवीर एक सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। बचपन से ही गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ा था, कभी नहीं सोचा था कि एक दिन जेईई मेन में 99.57 पर्सेंटाइल आएगा। विकल्प फाउंडेशन ने सपने देखना सिखा दिया है। मेरा सपना है कि मैं आईआईटी दिल्ली में दाखिला लूं। मुझे मेरे दादा रामस्वरूप से काफी प्रेरणा मिली है, जोकि एक किसान हैं। उन्होंने मुझे हमेशा एक बात ही सिखाई कि बेटा क्षेत्र कोई सा भी हो, सफलता मेहनत से ही मिलती है। पिता लगाते हैं कपड़ों की रेहड़ी, बेटे ने 99.08 पर्सेंटाइल हासिल किया मेरा नाम विकास कुमार है और मैं हिसार जिले के गांव बरवाला निवासी हूं। मेरे पापा अजमेर सिंह गांव के समीप शहर में कपड़ों की रेहड़ी लगाते हैं। पापा प्रति माह 7 से 8 हजार रुपये कमा पाते हैं। मैं गरीब परिवार का बेटा होने की वजह से बचपन से ही सरकारी स्कूल में पढ़ा था, लेकिन सुपर-100 में शामिल होने के बाद मुझे कभी महसूस नहीं हुआ कि गरीबी की वजह से सफलता नहीं मिलती। जब पहली बार मेरे पापा ने सुना कि जेईई मेन में 99.08 पर्सेंटाइल आया है तो वह अपने अंदर फूला नहीं समाए। उस दौरान उनकी खुशी का ठिकाना न था। मैं नए छात्रों को संदेश दूंगा कि सफलता अमीर होने से नहीं, बल्कि संघर्ष करने से मिलती है। पिता का हो चुका देहांत, बेटे ने 97.07 पर्सेंटाइल हासिल कियामेरा नाम अजय कुमार है। मैं जींद के गांव काकड़ाद का रहने वाला हूं। जेईई मेन में मेरी 97.07 पर्सेंटाइल आया है और मैं एक कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहता हूं। बहुत छोटा था, तभी पापा लाजपत राम का देहांत हो गया था। मां ने ही मुझे पाला है। दोस्त ने बताया था कि विकल्प फाउंडेशन निशुल्क व सर्वोत्तम शिक्षा उपलब्ध करवाता है। आवेदन किया तो परीक्षा में पास हो गया। यहां अन्य स्कूलों की अपेक्षा काफी सुविधाएं मिलती हैं। सबसे अच्छा है गरीब परिवारों के बच्चे भी यहां शिक्षा हासिल कर सकते हैं। मैं छात्रों को यही संदेश देना चाहूंगा कि मन लगाकर पढ़ें, सफलता जरूर मिलेगी। पापा के सपनों को पूरा कर दिखाना मेरा ख्वाब : महक मेरा नाम महक है और मैं जींद के गांव चूरपुर की रहने वाली हूं। जेईई मेन में 96.5 पर्सेंटाइल आया है। मेरे पापा का नाम राजकरण है, जोकि एक मील प्लांट में लेबर का काम करते हैं। उन्होंने मेरे लिए बहुत ही संघर्ष किया है। उनका सपना है कि मैं इंजीनियर बनूं और मेरा सपना है पापा के ख्वाब को पूरा कर दिखाना। मैं गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ाई करती थी, लेकिन विकल्प फाउंडेशन ने मुझे अपने सपनों को पूरा करने का मौका दिया। मैं नए विद्यार्थियों से यही कहना चाहती हूं कि पढ़ाई जिंदगी की सबसे बड़ी तपस्या है। आप बस संघर्ष करो, सफलता आपके कदम चूंमेगी। पिता सरकारी स्कूल में शिक्षक, बेटे ने 97.98 पर्सेंटाइल हासिल कियामैं आदित्य मोहन रोहतक के गांव महम का रहने वाला हूं। जेईई मेन में 97.98 पर्सेंटाइल आया है। मेरे पापा विरेंद्र मोहन एक सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं। विकल्प फाउंडेशन मेरी जिंदगी में काफी बदलाव लेकर आया है। यहां हमेशा आपके साथ शिक्षक होता है। आप जब मर्जी शिक्षक से सवाल कर सकते हैं। मैं छात्रों को संदेश दूंगा कि जिंदगी में पढ़ाई ही सबसे बड़ा लक्ष्य होना चाहिए।