राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रायपुर में 12वां दीक्षांत समारोह एक दिसंबर, 2021 को सुबह 11 बजे से वर्चुअल रूप में आयोजित किया गया है, जिसमें सत्र 2020-21 में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रमाण पत्र व मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडल प्रदान किया जाएगा।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष डा. के शिवन के साथ संस्थान के निदेशक डा. एएम रावाणी, डीन एकेडमिक्स डा. श्रीश वर्मा, रजिस्ट्रार डा. आरिफ खान व अन्य मौजूद रहेंगे। इस बीच ग्रेजुएशन के 832, पोस्ट ग्रेजुएशन के 222 और पीएचडी के 75 शोधार्थियों समेत संस्थान के कुल 1,129 छात्र-छात्राओं को डिग्री दिए जाएंगे। बता दें कि कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की हर्षिता शर्मा बैच 2020-21 की ओवर-आल टापर रही रहीं। इनके साथ ही संस्थान के मेधावी छात्रों के प्रदर्शन को सम्मानित करते हुए 28 छात्रों को गोल्ड मेडल व 23 छात्रों को सिल्वर मेडल समेत संस्थान के कुल 51 मेधावी छात्रों को मेडल से नवाजा जाएगा।
चिकित्सा व विज्ञान में इन छात्रों ने किए नए शोधकुछ ही बूंद में ब्लड सैंपल की जांच
बलौदाबाजार ग्राम जारा निवासी विकास कुमार वर्मा ने वर्ष 2015 से 2021 तक फार्मास्यूटिकल्स, बायोमोनेक्यूल्स व पर्यावरण के नमूनों के फ्लोरोमेट्रिक निर्धारण के लिए आत्मीयता जांच के रूप में नैनोपार्टिकल्स विषय पर शोध किया है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में रक्त से जूड़े जांच के लिए कुछ अंश की जरूरत पर भी चार से पांच एमएल तक रक्त निकाल लिया जाता है। शोध के माध्यम से उन्होंने एप्लिकेशन बनाया है, जिसमें कुछ ड्राप में ही रक्त में स्थिति की जांच पूरी हो जाती है। वर्मा ने बताया कि अंतराष्ट्रीय जनरल में प्रकाशित हो चुका है। इमसें वह आगे भी काम करने वाले हैं, ताकि चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर परिणाम सामने आए।
दिव्यांगों के लिए बनाया ब्रेन-कंप्यूटर सिस्टम
मध्य प्रदेश के सतना निवासी प्रवीण कुमार शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2017 से 2021 तक उन्होंने ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस आधारित होम अप्लायंस कंट्रोल सिस्टम के निर्माण पर अपना शोध पूरा किया है। उन्होंने बताया कि यह दिव्यांग लोगों के लिए बना सिस्टम है, जिसमें ऐसे दिव्यांग जिनके हाथ-पैर या शरीर के कोई अंग काम नहीं कर रहे हैं। तकनीक से दिमाग में सिग्नल के ऐसे दिव्यांग व्यक्ति टीवी, पंखे जा जरूरत की चीजों का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा भी अन्य कार्य किए जा सकते हैं। प्रवीण इस तकनीक पर आगे भी शोध करने की तैयारी में हैं।
बीटेक में ओवरआल टापर हर्षिता को मिलेगा स्वर्ण
मूलत: उत्तर प्रदेश आगरा निवासी छात्रा हर्षिता शर्मा, एनआइटी रायपुर में बीटेक वर्ष 2017 से 2021 बैच की ओवरआल टापर बनी हैं। हर्षिता कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की छात्रा हंै। उन्हें आज वर्चुअल माध्यम से होने वाले दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इंजीनियरिंग के क्षेत्र शुरू से ही रुझान था। एचआइटी में बीटेक की पढ़ाई के दौरान विषय को छोटे-छोटे चेप्टर में पढ़ती रहीं। वहीं प्रत्येक विषय को जीवन से जोड़कर उदाहरण बनाकर तैयारियां करती थीं। इस मुकाम के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी है।