राजनांदगांव। फर्जी दस्तावेज के सहारे जमीन बेचने वाले आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित चेतन वर्मा मास्टर आफ कंम्पयूटर एप्लीकेशन की पढ़ाई की है। कंप्यूटर की जानकारी होने के कारण आरोपित ने बड़ी सफाई से दस्तावेज तैयार किया और जमीन को बेच दिया। प्रार्थी जब जमीन में कब्जा करने गया तो उसे इसकी जानकारी हुई। ठेलकाडीह पुलिस ने आरोपित के खिलाफ धारा 420 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था।
आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया
मंगलवार को आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि प्रार्थी राजनांदगांव मोतीपुर निवासी तिलक वर्मा को आरोपित चेतन वर्मा ने षडयंत्र पूर्वक जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाकर बेच दिया। प्रार्थी ने खसरा क्रमांक 68/3 रकबा 1.098 हेक्टेयर भूमि ग्राम तिलईभाट पटवारी हल्का नंबर 18 का राजस्व विभाग में नामांतरण के पश्चात् भूमि का कब्जा लेने के लिए गया तब उक्त खसरा नंबर की भूमि मौके पर विद्यमान नहीं है होना पाया गया।
जमीन का नहीं हुआ है बंटाकन
प्रार्थी की शिकायत पर पुलिस ने विशेष टीम गठित की। टीम आवेदक एवं गवाहों का बयान लेकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। खसरा नंबर के मूल स्वामी से पूछताछ कर विस्तृत कथन लेने पर ज्ञात हुआ कि खसरा नं 0 68 केवल 53 डिसमील की मूल भूमि है।
जिसका 68/1 व 68/2 ही बटांकन हुआ है। तीसरा बटांकन कभी नहीं हुआ है। इस संबंध में पटवारी से राजस्व विभाग से संबंधित दस्तावेज प्राप्त करने पर चला कि विवादित खसरा नं 0 68/3 रकबा 1.098 हेक्टेयर केवल आनलाईन भुइयां पोर्टल रिकार्ड में है। लेकिन मेनुवल रिकार्ड पर इसका रिकार्ड नहीं है। पुलिस ने आरोपित को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपित ने अपना अपराध स्वीकार।
खुद को बताया जमीन का मालिक
आरोपित ने मेनुवल रिकार्ड को आनलाइन रिकार्ड दर्ज करते समय उक्त खसरा नंबर का सृजन कर अपने नाम पर उक्त खसरा नंबर का स्वामित्व दर्शित किया। पुलिस ने बताया कि आरोपित ने प्रार्थी को फर्जी दस्तावेज को असली बतार छह लाख 80 हजार रुपये में जमीन को बेच दिया। पुलिस ने आरोपित के पास से कुछ दस्तावेज भी जब्त किया है। आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।