खैरागढ़ क्षेत्र के लोगों को शनिवार को नया विधायक मिल जाएगा। सुबह आठ बजे से वोटों कीगिनती शुरू हो चुकी है। जीतने वाला प्रत्याशी क्षेत्र के 17वें विधायक होंगे। 1957 से अस्तित्व में आए इस विधानसभा क्षेत्र में अब तक 13 बार आम व चार बार उपचुनाव हुए हैं। अभी वाले उपचुनाव में कुल 10 प्रत्याशियों ने भाग्य आजमाया है। इनकी किस्मत की पेटियां शनिवार को सुबह मतगणना स्थल बीज निगम के गोदाम में खुलने जा रही है।
अस्तित्व में आने के बाद खैरागढ़ में पहला चुनाव 1957 में हुआ था। ऋतुपर्ण किशोरदाल पहले विधायक चुने गए थे। 1962 में लाल उमेंद्र सिंह, 1967 वीरेंद्र बहादूर सिंह, 1972 में विजयलाल ओसवाल, 1977 में माणिकलाल गुप्ता, 1980, 1985 1990 व 1993 में रश्मिदेवी सिंह, 1995, 1998, 2003 में देवव्रत सिंह, 2006 व 2008 में कोमल जंघेल, 2013 में गिरवर जंघेल व 2018 में फिर देवव्रत सिंह विधायक चुने गए थे। इस तरह शनिवारराके जीतने वाले प्रत्याशी खैरागढ़ के 17वें विधायक बनेंगे।
एक नजर
-14 टेबलों पर होगी गणना
-1,65,798 मत पड़े हैं
-21 चक्रों में होगी मतगणना
-250 अधिकारी-कर्मचारी लगेंगे
विधानसभा उप चुनाव के लिए 16 अप्रैल को मतगणना शुरू हो गई है। इसके लिए 14 टेबल लगाए जा रहे हैं। कुल 1,65,798 मतों को गिनने में 21 चक्र लगेंगे। यानी हर चक्र में करीब 7900 मतों को गिना जा सकेगा। एक चक्र की गिनती में अनुमानत: आधे घंटे का समय लग सकता है। यानी मतगणना पूरी होने में देर शाम हो सकती है। ईवीएम को कमला कालेज भवन में बनाए गए स्ट्रांग रूम में रखा गया है। मतगणना उसी से लगे बीज निगम के गोदाम में कराई जाएगी। हर दौर की गिनती पूरी होनेे के पहले ही अगले चक्र के लिए ईवीएम को गणना स्थल पर ला लिया जाएगा। ताकि गिनती की प्रक्रिया रूकने न पाए।