चुनाव आयोग ने अहम फैसला लेते हुए वोटर आईडी कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने का अभियान शुरु करने का फैसला लिया है। चुनाव आयोग की यह मुहिम एक अगस्त से शुरू होने जा रही है। इसकी शुरुआत महाराष्ट्र के की जाएगी। चुनाव आयोग ने बताया कि इसका मकसद मतदाता की पहचान सुनिश्चित करना है। साथ ही इससे ये भी पता चलेगा कि उसका नाम दो क्षेत्रों या एक ही इलाके के मतदाता सूची में दो बार तो नहीं जुड़ा है। इसके अलावा इससे कोरोना संक्रमण रोकने में भी मदद मिलेगी। इससे तुरंत पता चल जाएगा कि मतदानकर्मी या मतदाता ने वैक्सीन की पूरी डोज ली है या नहीं।
महाराष्ट्र बनेगा पहला राज्य :
बताते चलें, चुनाव आयोग द्वारा सोमवार को लिए गए बड़े फैसले के बाद अब पूरे देश में सभी को अपना आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड से लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया हैं। इसके लिए इलेक्शन कमीशन द्वारा अगले महीने से अभियान शुरू किया जाएगा। जिसकी शुरुआत महाराष्ट्र से होगी और इस प्रकार पहला ऐसा पहला राज्य बन जाएगा जहाँ से इस अभियान की शुरुआत होने जा रही है। इस फैसले की जानकारी देते हुए चुनाव आयोग का कहा है कि, ‘वोटर की पहचान इससे बहुत आसान हो जाएगी। महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी श्रीकांत देशपांडे ने भी इस फैसले पर मुहर लगा दी है।’
कैसे करें आवेदन
आपको बता दें कि आधारकार्ड को मतदाता पहचान पत्र से जोड़ने के लिए फॉर्म भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव अधिकारी, महाराष्ट्र की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। इसके अलावा ERO Net, GARUDA, NVPS, VHA जैसी आधिकारिक वेबसाइट के जरिए भी ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी जाएगी। जिन लोगों के पास आधार कार्ड नहीं है वे फार्म के साथ मनरेगा जॉब कार्ड, फोटोयुक्त किसान पासबुक, स्वास्थ्य स्मार्टकार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैनकार्ड, एनपीआर के तहत आरजीआई द्वारा उपलब्ध कराया गया स्मार्ट कार्ड, पासपोर्ट, फोटो लगे पेंशन से जुड़े कागजात, केंद्र/राज्य सरकार के कर्मचारियों के पहचान पत्र, विधायक, सांसद द्वारा दिए गए पहचान पत्र, सामाजिक न्याय विभाग द्वारा दिए गए पहचान पत्र का इस्तेमाल कर सकते हैं।