छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में बिजली उपभोक्ताओं के सामने अजीब मुसीबत खड़ी हो गई है. विभाग द्वारा घरों में लगाए गए बिजली मीटर खराब होने की वजह से ज्यादा बिल आ रहा है. जिससे उपभोक्ता परेशान हैं और उन्हें बिजली बिल कम करवाने या समायोजित कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. वहीं खराब मीटर की लगातार शिकायतें आने के बावजूद अधिकारी मीटर सुधारने के लिए कोई पहल नहीं कर रहे हैं.
दरअसल, जिले में लगातार बिजली के मीटर खराब हो रहे हैं. पिछले बीते नवंबर महीने से लेकर अब तक सात महीने में बिजली संभाग पेंड्रा रोड कार्यालय क्षेत्र के अंतर्गत दस हजार मीटर खराब हो चुके हैं. जिसके चलते गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के लोगों को भारी भरकम बिजली बिल आ रहे हैं. वहीं बिजली मीटर खराब होने के कारण इन बिजली मीटर की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं.
बिजली ऑफिस के चक्कर काट रहे उपभोक्ता
वर्तमान में हालत ये है कि सीएसपीडीसीएल के पेंड्रा रोड संभाग के कार्यालय के बाहर सैकड़ों की संख्या में खराब मीटर पड़े हुए हैं और इसका खामियाजा बिजली उपभोक्ताओं को उठाना पड़ रहा है. मीटर खराब होने की वजह से बिल अधिक आ जाता है. जिसे कम करवाने के लिए उपभोक्ताओं को बिजली ऑफिस के चक्कर काटने पड़ते हैं.
इधर जिले में खराब मीटर की लगातार शिकायतें आने के बावजूद अधिकारी मीटर की क्वालिटी सुधारने की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं. जिससे स्थित जस की तस बनी हुई है. अधिकारी खुद मानते हैं कि नवंबर से अब तक करीब 10 हजार मीटर खराब हुए हैं. लेकिन वे इसे एक सामान्य प्रकिया मानकर चल रहे हैं.
इस मामले में डिवीजनल इंजीनियर यूके सोनवानी का कहना है कि मीटर में कोई तकनीकी खराबी नहीं है. उनका मानना है कि मीटर कई बार ज्यादा लाइटिंग या शॉर्ट सर्किट के कारण खराब होते हैं. जैसे इसकी सूचना मिलती है मीटर बदल दिया जाता है. नवंबर महीने से अब तक दस हजार से ज्यादा मीटर बदले जा चुके हैं.