प्रदेश सरकार द्वारा कोविड प्रोटोकॉल के तहत प्रदेश में रैली, धरना प्रदर्शन और कोई भी हड़ताल ना हो सके इसके लिए 19 बिंदुओं का सर्कुलर जारी किया है. सरकार के इस सर्कुलर के खिलाफ बस्तर में भी नक्सलियों के बाद बीजेपी और अन्य राजनीतिक दलों ने विरोध करना शुरू कर दिया है. बीजेपी ने तो उसका विरोध करते हुए प्रदेश सरकार को तालिबानी सरकार के साथ तानाशाह बताया है.
‘आम लोगों की आवाज दबा रही सरकार’
पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार इस तरह के सर्कुलर जारी कर आम लोगों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही हैं. उन्होंने कहा, “रैली, धरना और हड़ताल पर बैन लगा दिया है. सरकार ने आदेश जारी किया है कि कोई भी कर्मचारी सरकार के खिलाफ आवाज उठाता हैं तो वह खुद जिम्मेदार होगा, यह सरासर गलत है. सरकार इन19 बिंदुओं का सरकुर्ल जारी कर आपातकाल की स्थिति पूरे प्रदेश में निर्मित कर रही है.”
बीजेपी ने दी आंदोलन की चेतावनी
पूर्व मंत्री और बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता केदार कश्यप ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर सरकार द्वारा 15 दिनों के अंदर जारी सर्कुलर के आदेश को वापस नहीं लेती है तो बीजेपी बस्तर से लेकर रायपुर राजधानी तक बड़ा आंदोलन करेगी, चाहे सरकार भाजपाइयों को जेल भी भेज दे. उन्होंने कहा कि दबाव पूर्वक ऐसा सर्कुलर जारी कर प्रदेश की जनता के साथ दमनकारी नीति कांग्रेस अपना रही हैं.
सरकार का तानाशाह रवैया
यही नहीं उन्होंने कहा कि इस तरह के सर्कुलर जारी करने का कोई औचित्य नहीं है, लेकिन कांग्रेस सरकार पूरी तरह से तानाशाही रवैया अपना रही है. इधर बस्तर में बीजेपी से पहले नक्सलियों ने भी प्रदेश सरकार द्वारा जारी इस 19 बिंदुओं के सर्कुलर का विरोध करते हुए प्रेस विज्ञप्ति जारी किया और जिसके बाद सोमवार को बीजेपी ने प्रेस वार्ता लेकर 15 दिन के भीतर इस सर्कुलर को वापस लेने की चेतावनी दी है.