अफसरों की ओर से बताया गया कि नक्सलियों ने कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मन्हास को भी अगवा कर लिया था और उसके हथियार लूट लिए। जांच से यह भी पता चला कि पुलिस पार्टी और सुरक्षा कर्मियों पर यह हमला नक्सलियों के TCOC का हिस्सा था।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पिछले साल छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले में 23 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। इस नक्सली हमले में 22 जवान शहीद हो गए थे। NIA प्रवक्ता की ओर से बताया गया कि हमला बीजापुर के तर्रेम क्षेत्र के टेकलगुडियाम गांव के पास तीन अप्रैल 2021 को हुआ था। इस हमले में 35 से अधिक लोग घायल हुए थे।
एनआईए ने इस साल पांच जून को दर्ज किया था मामला
इस हमले के बाद तर्रेम थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसी साल 5 जून को NIA ने केस दर्ज किया। इस दौरान जांच में पता चला कि आरोपी नक्सली ने आतंकी हमले को अंजाम देने की साजिश रची। उसने सीपीआई माओवादियों के हथियारबंद साथियों के साथ CRPF, कोबरा, DRG और राज्य पुलिस के जवानों पर बैरल ग्रेनेड लांचर (बीजीएल) और ऑटोमैटिक हथियारों से हमला किया। जांच में यह भी पता चला है कि सुरक्षाबलों पर हमला माओवादियों के टीसीओसी (सामरिक जवाबी आक्रामक अभियान) का हिस्सा था. बयान में कहा गया है कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड विधान, हथियार अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया है.
टीसीओसी का हिस्सा था हमला
अफसरों की ओर से बताया गया कि नक्सलियों ने कोबरा बटालियन के जवान राकेश्वर सिंह मन्हास को भी अगवा कर लिया था और उसके हथियार लूट लिए। जांच से यह भी पता चला कि पुलिस पार्टी और सुरक्षा कर्मियों पर यह हमला नक्सलियों के TCOC (Tactical Counter Offensive Campaign) का हिस्सा था। जांच के दौरान नक्सलियों के वरिष्ठ नेताओं की भूमिका भी पता चला है।
20 आरोपी माओवादी अभी भी फरार
आरोप पत्र में माओवादी नेता मुपल्ला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति, नब्बला केशव राव उर्फ गगन्ना, सुजाता और कमांडर हिड़मा का नाम शामिल हैं. बयान में कहा गया है कि मामले में आगे की जांच जारी रहेगी. बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि 23 आरोपियों में से एक माओवादी को गिरफ्तार किया गया था और दो माओवादियों की मौत हो गई थी, जबकि शेष 20 माओवादी फरार हैं.