छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के नक्सल प्रभावित गांव में नक्सली बनकर लूटपाट करने का मामला सामने आया है. नक्सलियों की तरह ही नकाबपोश लुटेरे काली वर्दी में सरपंच के घर में घुसे और चाकू की नोक पर घर की अलमारी में रखे सारे पैसे लूटकर भाग गए. पुलिस को बताने पर उन्होंने सरपंच को जान से मारने की धमकी भी दी. लूटेरे बकायदा लाल सलाम जिंदाबाद के नारे लगाते हुए घर के अंदर घुसे और सरपंच की पत्नी को डरा धमकाकर अलमारी में रखे सारे पैसों पर अपना हाथ साफ कर लिया. नक्सली होने के डर से सरपंच ने घटना के 2 दिन बाद तक इसकी जानकारी पुलिस को नहीं दी, लेकिन जब ऐसी ही एक और वारदात पास ही के एक गांव में घटी तब सरपंच ने कुआकोंडा थाना के पुलिस को सारी जानकारी दी. सरपंच द्वारा अब तक लिखित शिकायत नहीं किए जाने से अज्ञात लूटेरों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया है, लेकिन मामले की जांच में जुट गई है.
दो गांवों के अलग-अलग घरों को लूटेरों ने बनाया निशाना
सप्ताहभर पहले भी कुआकोंडा थाना क्षेत्र के नक्सल प्रभावित हल्बारास गांव में इसी तरह की वारदात हुई, जहां कुछ लुटेरों ने काली वर्दी पहनकर रात के अंधेरे में एक घर में लूट की वारदात को अंजाम दिया गया. लूट का शिकार हुए घर वालों ने नक्सली के डर से इसकी जानकारी पुलिस को नहीं दी. खबर के मुताबिक वहां भी काली वर्दी पहने 10 से 15 लोगों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया और गांव के सचिव का भी पता पूछा…इधर दो गांवों में एक जैसी लूट की वारदात होने पर गांव वालों को फर्जी नक्सली होने का शक हुआ, जिसके बाद मोखपाल के सरपंच विनोद सोरी ने कुआकोंडा थाने में फोन कर लूट की पूरी जानकारी दी. कुआकोंडा थाना के प्रभारी खोमन भंडारी ने बताया कि सरपंच को थाने बुलाया गया था, लेकिन वे नहीं आए. पुलिस अब सरपंच के घर जाकर मामले की जांच करेगी. पुलिस ने कहा कि उसे हल्बारास गांव में भी लूट की खबर मिली है, लेकिन उस गांव से अभी अब तक किसी ने शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन हम सूचना मिलने के बाद दोनों मामले की जांच कर रहे हैं.