0 शिवमहापुराण कथा के दूसरे दिन भारी भीड़, पंडाल में जगह कम पड़े
छुरिया- शिवमहापुराण कथा के दूसरे दिन ग्राम हालेकोसा में शिवभक्तों की अपार भीड़ उमड़ पड़ी कि पंडाल में जगह कम पड़ गये । श्रद्धालुओं ने सड़कों पर बैठकर कथा का रसपान किया । वहीं जनसैलाब देखकर पुलिस के पसीने छूटने लगे । हालात यह हो गए कि प्रवेश द्वारा गेट नंबर एक एवं दो को बंद करना पड़ा । जहां गेट के सामने बैठकर भक्तों ने शिवमहापुराण कथा का श्रवण किया ।
शिवमहापुराण कथा के दूसरे दिवस अंतर्राष्ट््रीय कथवाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने शिवभक्तों से कहा कि अपने धर्म की भक्ति, भजन स्मरण, शिव की उपासना की निन्दा कभी न सुनो । जो सनातन धर्म की निन्दा करें उससे कहो हम निन्दा नहीं सुन सकते और उसे वहां से तत्काल विदा करो । उन्होंने कहा कि हालेकोसा में कथा नहीं हो सकता था । धर्मान्तरण हो रहा है गांव-गांव में, इसीलिए कथा करना पड़ा कि शिव क्या है उन्हें मालूम पड़ेगा । कलम का लिखा मिट सकता है, शिवमहापुराण कथा कहती है अपने कर्म का लेख नहीं मिट सकता, उसे भोगना पड़ता है इसलिए कभी किसी का बुरा नहीं करना चाहिए । भगवान शंकर का शिवलिंग खंडित हो जाये तो कभी खंडित नहीं माना जायेगा । मनाली में इसका प्रमाण है जहां शिवलिंग में बिजली गिरती है, उनके टुकड़े हो जाते हैं फिर भी वह खंडित नहीं होता । जो भगवान शिव की आराधना मंे लगा रहता है वह कभी खाली हाथ नहीं जाता । ब्रम्हा, विष्णु ने शिवलिंग की स्थापना की और सरस्वती, लक्ष्मी को उनकी सेवा भक्ति में लगा दिया इससे प्रसन्न होकर शिव जी ने उन्हें वरदान दिया जो शिवलिंग पर एक लोटा जल अर्पण करेगा उसके घर पर सरस्वती, लक्ष्मी सदा विराजमान होगी ।
भीड़ इतनी कि मोबाईल का नेटवर्क भी हो गया जाम
हालेकोसा में आयोजित अंतर्राष्ट््री कथा वाचक पं. प्रदीप मिश्रा के शिवमहापुराण कथा में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भीड़ इतनी थी कि मोबाईल का नेटवर्क भी जाम हो गया। लोगों को एक दूसरे से सपंर्क करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा ।
*0 पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था भी लचर नजर आयी*
पं.प्रदीप मिश्रा के कार्यक्रम के दौरान पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था भी लचर नजर आयी । दूरदराज से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भीतर प्रवेश करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिससे उनमें निराशा देखी गयी । प्रवेश द्वार के दोनों गेटों पर श्रद्धालुओं और पुलिस के बीच झड़प होती रही ।