मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अपनी सरकार बनाते ही यह स्पष्ट कर दिया था कि लोगों की बुनियादी और आजीविका आधारित जरूरतों पर सबसे पहले ध्यान दिया जाएगा। सरकार ने उन योजनाओं पर काम किया जिनसे प्रत्यक्ष रूप से रोजगार, आजीविका संबंधी गतिविधियां तथा बुनियादी सुविधाएं लोगों को मिल सकें। इसके लिए डीएमएफ के खर्च नियमों में भी बदलाव किया गया, काम की प्राथमिकताओं के नियम बदले गए और नतीजा सबके सामने है। पिछले करीब साढ़े तीन सालों में रोजगार के आंकड़ों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और हर क्षेत्र में उत्पादन बढ़ रहा है। इससे आजीविका मजबूत होने के साथ-साथ हर वर्ग की आय में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। राष्ट्रीय औसत के मुकाबले जहां बेरोजगारी दर में सबसे ज्यादा कमी छत्तीसगढ़ में दर्ज की गई, वहीं किसानों, वनाश्रितों और ग्रामीणों की आय में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। सरकार के इन प्रयासों की वजह से ही देशभर में छत्तीसगढ़ मॉडल की लगातार सराहना हो रही है।