राष्ट्रध्वज के प्रति वफादारी साबित करने की ज़रूरत आरएसएस को
तिरंगे पर चल रही सियासत पर प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रवक्ता अभिमन्यु मिश्रा ने हर घर तिरंगा अभियान के बारे में कहा है की आज प्रधानमंत्री और भाजपा सोशल मीडिया में तिरंगे की डी पी से देशप्रेम और देशद्रोह का सर्टिफिकेट बांट रहे हैं, यह वही भाजपा संगठन व प्रधानमंत्री मोदी हैं जो आरएसएस को अपना आधार बताते हैं, आज़ादी के समय की बात बताते हुए उन्होंने कहा की ये वही आरएसएस है जिसने 14 अगस्त 1947 की शाम के अपने मुखपत्र आर्गेनाइजर में खुले आम तिरंगे का विरोध करते हुए उसके तीन रंगों को बुराई का प्रतीक करार दिया था और यह भी कहा था कि हिन्दू कभी तिरंगे को नही अपनाएगा, उसी आरएसएस ने अपने मुख्यालय में तिरंगा पहली बार 26 जनवरी 2002 को फहराया, उसी आरएसएस ने भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया, जिस समय भगत सिंह, सुखदेव और अशफाकउल्ला खान जैसे भारत माँ के वीर सपूत हंसते हंसते आज़ादी के लिए अपनी जान दे रहे थे उस समय इसी आरएसएस के कथित वीर सावरकर अंग्रेज़ सरकार के प्रति वफादार रहने की कसमें पत्र लिख लिख कर कहा रहे थे, तो ऐसे संगठन को आदर्श मानने वाले तिरंगे और देशभक्ति का पाठ तो कतई न पढ़ाएं, इसके साथ ही युवा कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी कहा है कि तिरंगे के प्रति अपनी वफादारी साबित करने की असल ज़रूरत तो आरएसएस व भाजपा को है इसलिए उन्होंने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा है कि अगर वाकई में वे तिरंगे के प्रति वफादार हैं तो वे तिरंगे के प्रति आरएसएस की सोच का खंडन करें व विरोध कर अपनी तिरंगे के प्रति वफादारी स्पष्ट करें ।