ये हफ्ता व्रत-उपवास और स्नान-दान वाला रहेगा। इस सप्ताह में तीन बड़े व्रत-पर्व आएंगे। इनमें सोमवार को पौष और खरमास की एकादशी से हफ्ते की शुरुआत हो रही है। वहीं, बुधवार को प्रदोष और शुक्रवार को अमावस्या रहेगी। इनमें एकादशी पर भगवान विष्णु, प्रदोष पर शिव-पार्वती की पूजा और अमावस्या पर स्नान-दान के साथ ही पितरों की पूजा होगी। साथ ही इन दिनों पौष मास का कृष्ण पक्ष भी रहेगा। जो कि सूर्य पूजा और स्नान-दान के लिए खास रहेगा।पौष महीना होने से पूरा हफ्ता खास9 दिसंबर से पौष महीना शुरू हो गया है। जो कि 8 जनवरी तक रहेगा। ग्रंथों में पौष मास के दौरान सूर्य पूजा करने का विधान बताया गया है। साथ ही इस महीने के स्वामी भगवान विष्णु की पूजा नारायण रूप में करने का जिक्र भी पुराणों में मिलता है। स्कंद, शिव और विष्णु पुराण में बताया गया है कि पौष महीने में तीर्थ स्नान और सूर्य पूजा के साथ जरुरतमंद लोगों को अन्न और गर्म कपड़ों का दान करना चाहिए। ऐसा करने हर तरह के पाप खत्म होते हैं। महाभारत में बताया है कि इन दिनों में एक वक्त खाना खाने से उम्र बढ़ती है और बीमारियां दूर होती हैं। इसलिए ये हफ्ता खास रहेगा।गंगाजल से नहाना भी तीर्थ स्नान के जैसापुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र बताते हैं कि हर महीने कुछ ऐसे पर्व आते हैं जिनमें तीर्थ स्नान करने का महत्व होता है। लेकिन आज के समय में ऐसा संभव नहीं है। इसलिए घर पर ही पानी में गंगाजल की कुछ बूंदे मिलाकर नहाने से भी तीर्थ स्नान करने जितना पुण्य मिलता है। इस तरह यमुना, नर्मदा और अन्य पवित्र नदियों के जल से भी नहा सकते हैं। पौष महीने के दौरान पवित्र नदियों के पानी से नहाने से कई गुना पुण्य मिलता है।19 दिसंबर, सोमवार: इस दिन पौष महीने की पहला एकादशी व्रत किया जाएगा। इस व्रत में भगवान विष्णु के नारायण रूप की पूजा करने का विधान है। इस दिन किए गए व्रत और पूजा से मनोकामना पूरी होती है और दुर्भाग्य दूर होता है। इसलिए इसे सफला एकादशी कहा जाता है। खरमास होने से इस दिन की गई विष्णु पूजा का फल और बढ़ जाता है। इस व्रत में भगवान कृष्ण की पूजा भी करते हैं।21 दिसंबर, बुधवार: इस दिन पौष महीने के कृष्ण पक्ष की तेरहवीं तिथि रहेगी। त्रयोदशी होने से इस दिन प्रदोष व्रत किया जाएगा। इस व्रत में भगवान शिव-पार्वती की पूजा करने का विधान है। शिव पुराण का कहना है कि पौष मास में भगवान शिव-पार्वती की पूजा और व्रत करने से हर तरह की परेशानियां दूर होती हैं। बुधवार को त्रयोदशी तिथि होने से बुध प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है। इस व्रत से आर्थिक सुख भी बढ़ता है।23 दिसंबर, शुक्रवार: इस दिन पौष महीने की अमावस्या है। इसके अगले दिन से शुक्ल पक्ष भी शुरू हो जाएगा। पौष महीने की अमावस्या पर तीर्थ स्नान और दान करने की परंपरा है। ऐसा करने से कई गुना पुण्य फल मिलता है। इस पर्व पर श्राद्ध करने से पितरों को संतुष्टि भी मिलती है।