राजनांदगांव । नगर निगम ने गुरुवार को फिर एक ठेकेदार से अनुबंध व कार्यादेश निरस्त कर अमानत राशि राजसात कर ली है। शहर के स्टेडियम वार्ड 23 प्रभात नगर में सामुदायिक भवन का निर्माण होना था, जिसके लिए ठेकेदार सौरभ श्रीवास्तव को तीन माह के भीतर निर्माण पूरा करने कहा गया था। लेकिन तीन साल बाद भी ठेकेदार निर्माण शुरू नहीं करा पाया। इसको लेकर निगम कमिश्नर डा. आशुतोष चतुर्वेदी ने ठेकेदार से अनुबंध निरस्त कर जमा किए 30 हजार रुपये अमानत राशि को निगम कोष में राजसात कराया है। बता दें कि पखवाड़ेभर में निगम की यह दूसरी कार्रवाई है। इससे पहले निगम कमिश्नर ने मेडिकल कालेज वार्ड 21 में नाली निर्माण का काम शुरू नहीं कराने वाले ठेकेदार व भाजपा नेता सावन वर्मा के अलावा तरूण लहरवानी से अनुबंध निरस्त कर उनकी अमानत राशि राजसात की थी। कार्रवाई को लेकर शहर में कार्यादेश के बाद भी काम शुरू नहीं करने वाले ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है। निगम आयुक्त डा. चतुर्वेदी ने कहा कि कार्यादेश और डेडलाइन में निर्माण पूर्ण नहीं करने वाले ठेकेदारों पर इसी तरह कार्रवाई की जाएगी।
तीन लाख की मिली थी स्वीकृति : प्रभात नगर में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए अधोसंरचना मद से तीन लाख रुपये की स्वीकृति मिली थी। जिससे ठेकेदार सौरभ श्रीवास्तव को तीन माह में सामुदायिक भवन निर्माण करना था, लेकिन तीन साल बाद भी ठेकेदार द्वारा सामुदायिक भवन का निर्माण शुरू कराया। ठेकेदार की इस लापरवाही के कारण निर्माण कार्य बाधित रहा। वहीं दूसरी ओर शासन को प्रगति व उपयोगिता भेजने में देरी हुई। निविदा शर्तों में उल्लंघन को लेकर निगम कमिश्नर ने कार्रवाई की है।
नोटिस का भी नहीं दिया जवाब : तीन साल के बाद भी सामुदायिक भवन का निर्माण शुरू नहीं कराने पर ठेकेदार सौरभ श्रीवास्तव को निगम के लोककर्म विभाग ने नोटिस भी जारी किया। वहीं मौखिक निर्देश तक दिया। पर ठेकेदार ने नो तो नोटिस का जवाब दिया और ना निर्माण कार्य शुरू कराया। ठेकेदार की मनमानी को लेकर वार्डवासियों ने भी आक्रोश व्यक्त किया था।