रिपोर्ट के अनुसार साइबर क्राइम के अधिकतर मामले उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, असम और महाराष्ट्र से देखने को मिले हैं। जबकि दिल्ली में साइबर अपराध के केवल 1.7 फीसदी मामले ही देखे गए हैं।
डिजिटल वर्ल्ड में सुविधाओं के साथ-साथ साइबर क्राइम और फ्रॉड के केस भी बढ़ रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2021 में पिछले साल के मुकाबले साइबर क्राइम में 5 फीसदी की बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। साल 2021 में साइबर क्राइम के 52,974 अपराध दर्ज किए गए हैं, जबकि साल 2020 में अपराध के 50,035 मामले दर्ज किए गए थे। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट के अनुसार साइबर क्राइम के अधिकतर मामले उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, असम और महाराष्ट्र से देखने को मिले हैं। जबकि दिल्ली में साइबर अपराध के केवल 1.7 फीसदी मामले ही देखे गए हैं।
बता दें कि यह जानकारी नए सरकारी आंकड़ों से सामने आयी है। जिसमें 2020 के मुकाबले 2021 में साइबर क्राइम के 5 फीसदी मामले बढ़े हैं। एनआरसीबी के आंकड़ों के मुताबिक 2021 में देश में साइबर क्राइम की घटनाओं की औसत दर 3.9 (प्रति एक लाख आबादी पर) देखी गई है। जबकि केवल एक तिहाई मामले ही दर्ज किए गए हैं।
धोखाधड़ी के ज्यादा मामले
आंकड़ों के अनुसार साइबर क्राइम में ज्यादातर मामले धोखाधड़ी के (करीब 32,230 मामले) देखने को मिले हैं। यानी की साइबर क्राइम के कुल मामलों में 60.8 प्रतिशत मामले धोखाधड़ी के सामने आ रहे हैं। वहीं 8.6 प्रतिशत मामलों में यौन शोषण और 5.4 प्रतिशत मामलों में जबरदस्ती वसूली वाले अपराध देखने को मिले हैं। साथ ही एनआरसीबी के अनुसार साइबर आतंकवाद के भी 15 मामले दर्ज किए गए हैं।
राज्यों के साइबर क्राइम आंकड़ों की बात करें तो तेलंगाना में सबसे अधिक (10,303) मामले देखने को मिले हैं। वहीं उत्तर प्रदेश में 8,829, कर्नाटक में 8,136, महाराष्ट्र में 5,562 और असम में साइबर क्राइम के 4,846 मामले देखने को मिले हैं।