पेंड्री मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के ठीक सामने आरटीओ दफ्तर जाने वाले रास्ते में अतिक्रमण हो गया था। कुछ लोग सरकारी जमीन पर कब्जा कर दुकानदारी कर रहे थे। आए दिन के इनके बीच ग्राहकी को लेकर विवाद होता था तो वहीं कुछ दुकानदारों द्वारा नशीले पदार्थ की बिक्री किए जाने की शिकायत थी। अस्पताल परिसर का माहौल बिगड़ने लगा था। हाल ही में स्वास्थ्य सचिव निरीक्षण करने पहुंची थीं तब उन्होंने अतिक्रमण देखकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। बुधवार को नगर निगम की तोड़ू दस्ते ने मौके पर पहुंचकर कब्जे पर बुलडोजर चला दिया।
निगम की ओर से दो बार नोटिस देकर कब्जा हटाने कहा गया था पर कुछ लोग कब्जा जमाकर दुकानदारी कर रहे थे। इस बीच यह भी शिकायत सामने आई कि दुकानदारी की आड़ में यहां पर कुछ लोग नशीले पदार्थ की बिक्री करते थे। इनकी चंगुल में मेडिकल छात्रों के अलावा मरीजों के परिजन भी आ रहे थे। नशे के चलते अस्पताल परिसर का माहौल बिगड़ रहा था और आए दिन मारपीट की घटनाएं होने लगी थीं। दुकानदारी की आड़ में कुछ लोग तो परिवार सहित यहां रहने भी लगे थे।
निगम ने दी थी मोहलत
बिगड़ते माहौल को देखते हुए आम आदमी पार्टी की ओर से भी निगम आयुक्त से शिकायत कर यहां अतिक्रमण रोकने की मांग की थी। इस पर आयुक्त डा. आशुतोष चतुर्वेदी ने कार्रवाई करने आश्वासन दिया था। निगम की ओर से पहली नोटिस देकर कब्जा करने वालों को 24 घंटे के भीतर अतिक्रमण हटाने कहा गया था। इसके बाद भी कब्जा नहीं छोड़ा गया। निगम की ओर से फिर से मोहलत दी गई थी।
गेट लगाने की भी तैयारी
नगर निगम आयुक्त डॉ आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि अतिक्रमण के साथ ही लगातार यह शिकायत भी मिल रही थी कि अस्पताल परिसर के आसपास कुछ लोग नशे के सामान भी बेच रहे थे। इसलिस पुलिस की टीम के साथ मिलकर यहां कार्रवाई की गई है। पहले भी कब्जाधारियों को नोटिस भेजा गया था पर हट नहीं रहे थे। आयुक्त ने बताया कि आरटीओ दफ्तर जाने वाले रास्ते में गेट निर्माण करने की प्लािनंग है।
टीम बनाकर की कार्रवाई
स्वास्थ्य सचिव अस्पताल परिसर के निरीक्षण में पहुंची थीं तब उन्होंने भी अवैध कब्जा देखकर इस पर कार्रवाई करने निर्देश दिए थे। हाल ही में जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन की हुई बैठक में अतिक्रमण का मुद्दा भी सामने आया था। इस पर कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने एसडीएम अरूण वर्मा और निगम आयुक्त को निर्देशित किया था कि बारिश के पहले यहां से अतिक्रमण हटाया जाए। इसके लिए पुलिस बल की मदद लेने भी कहा गया था।
पुलिस टीम करेगी निगरानी
अफसरेां ने बताया कि तोड़ू दस्ते की ओर से कब्जा हटाया गया है, क्योंकि कुछ लोग हटने का नाम नहीं ले रहे थे। इसलिए अब यहां दोबारा कब्जा जैसी स्थिति न बने, इसके लिए पुलिस की पेट्रोलिंग कराई जाएगी। बताया कि अस्पताल परिसर सुरक्षित जोन है। इसलिए यहां पर कब्जा नहीं कर सकते। अस्पताल प्रबंधन की ओर से भी कब्जा हटवाने की मांग करते हुए निगम आयुक्त को पत्र लिखा गया था। इसके बाद यह कार्रवाई की गई।