बिलासपुर। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को राहत देते हुए एनसीईआरटी के अलावा अन्य प्रकाशकों की किताबें पढ़ाने की छूट दी है। याचिका की अगली सुनवाई के लिए पांच जुलाई की तिथि तय की है। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका में कहा है कि निजी स्कूल प्रबंधकों को स्कूल शिक्षा विभाग ने छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम व एनसीईआरटी की ही किताबें पढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा निजी स्कूल प्रबंधकों से शपथ पत्र भी भरवाया जा रहा है।
याचिकाकर्ता एसोसिएशन ने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए अन्य लेखकों व प्रकाशकों की किताबें भी चलाई जा रही हैं। ताकि बच्चों को विस्तार से पाठ्यक्रमों के बारे में शिक्षा दी जा सके। ऐसा ना करने से बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। हमारा उद्देश्य बच्चों का सतत विकास और संबंधित पाठ्यक्रम के बारे में विस्तृत ज्ञान देना है। मामले की सुनवाई जस्टिस पी. सैम कोशी की सिंगल बेंच में हुई। याचिका की सुनवाई करते हुए जस्टिस कोशी ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि यदि कोई निजी स्कूल प्रबंधक सरकारी किताबों के अलावा निजी किताबें भी चला रहा है तो आगामी आदेश तक उनके खिलाफ कार्रवाई न की जाए। मामले की अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने पांच जुलाई की तिथि तय कर दी है।