थाना घुमका पुलिस को सायबर क्राईम में मिली बडी सफलता
गिरफ्तार आरोपी सेक्सटार्शन के नाम पर ब्लैकमेल कर फर्जी फोन-पे, गूगल-पे से खातों में रूपये मंगवाकर लोगों से
करते थे ऑनलाईन ठगी
थाना घुमका पुलिस व सायबर सेल की की संयुक्त टीम ने आरोपीयों को राजस्थान, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश के अलग-अलग हिस्सो से किया गिरफ्तार।
आरोपीयों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त पीओएस मषीन, बायोमैट्रिक डिवाईस, एटीएम कार्ड, जप्त कर, दो बैंक खाताओं को फ्रीज किया गया।
गिरफ्तार 06 आरोपीयों के नाम –
1. इरशाद उर्फ आमिर पिता मगरू उम्र 32 साल निवासी जखौपुर थाना टपुकुडा जिला खैरतल तिजारा राजस्थान
2. अनीश पिता शौकत खान उम्र 26 साल निवासी कहरानी थाना यूआईटी सेक्टर भिवाडी जिला अलवर राजस्थान
3. विक्की तनवर पिता रमेष तनवर उम्र 26 साल निवासी भिवाडी सेक्टर 03 थाना यूआईटी भिवाडी जिला अलवर राजस्थान
4. विवेक निर्मेश पिता सोरनसिंह उम्र 20 साल निवासी पहाडीकला थाना खेरागढ जिला आगरा उत्तरप्रदेश
5. विवेक अहिरवार पिता नरेन्द्र अहिरवार उम्र 23 साल निवासी ग्राम झीला थाना शढौरा जिला अशोक नगर मध्यप्रदेश
6. विजेन्द्र यादव पिता जोधसिंग यादव उम्र 21 साल निवासी ग्राम भरका थाना शढौरा जिला अशोक नगर मध्यप्रदेश

विवरण – थाना घुमका क्षेत्रांतर्गत एक 26 वर्षीय युवक दिनांक 08.02.2024 को अपने घर से बिना बताये सायकल लेकर कहीं चला गया था। आसपास पता न चलने पर प्रार्थी पिता के द्वारा दिनांक 09.02.2024 को थाना घुमका में गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराया। गुमशुदा की पतासाजी के दौरान दिनांक 12.02.2024 को गुमशुदा युवक का शव ग्राम गोपालपुर खेत में होने की सूचना मिलने पर थाना घुमका पुलिस, क्षेत्रीय फोरेंसिक टीम दुर्ग के साथ मौके पर पहुंचकर घटना स्थल व शव निरीक्षण किया गया साथ ही गुमशुदा युवक मृत हालत में बरामद होने पर थाना घुमका में मर्ग क्रमांक 05/24 धारा-174 द.प्र.संहिता के तहत कायम कर जांच कार्यवाही किया गया। जांच के दौरान मृतक के पीएम रिपोर्ट, मृतक युवक के मोबाईल नंबर, मृतक के द्वारा अंतिम बार बैंक खाता में किये गये पैसे ट्रांसफर एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्य के अनुसार मृतक युवक को दो मोबाईल नंबरों के अज्ञात धारकों द्वारा एक राय होकर ब्लैकमेल कर फोन-पे के माध्यम से 2,000 रूपये ट्रांसफर करवाने के बावजूद लगातार मृतक को धमकी देकर भयभीत कर आत्महत्या हेतु उकसाने पर मृतक भय की वजह से दिनांक 08.02.2024 को अपने घर से बिना बताये निकलकर जहर सेवन कर आत्महत्या करना पाये जाने पर दिनांक 15.02.2024 को उक्त मोबाईल नंबरों एवं खाता धारक के विरूद्ध अपराध क्रमांक 25/2024, धारा-306,384,34 भादवि0 पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
प्रकरण गंभीर प्रकृति के होने से प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव मोहित गर्ग के निर्देषन एवं अतिरिक्त राहूल देव शर्मा तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी डोंगरगांव दिलीप सिंह सिसोदिया के मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी थाना घुमका निरीक्षक विनय कुमार पम्मार के नेतृत्व में थाना घुमका व सायबर सेल राजनांदगांव से संयुक्त टीम गठित कर अविलंब आरोपी पतासाजी हेतु आरोपीयों के संभावित लोकेशन के आधार पर हरियाणा, राजस्थान व मध्यप्रदेश के लिए दिनांक 16.02.2024 को रवाना हुए थे जो कि आरोपी द्वारा घटना में प्रयुक्त बैंक खाता के डिटेल के आधार पर मजदूरों के नाम पर फर्जी खाता खुलवाकर सेक्सटार्शन, ब्लैकमेल, एवं अन्य ऑनलाईन ठगी में खाता उपलब्ध कराने वाले आरोपी विक्की तनवर, अनीश खान, इरशाद खान को राजस्थान, हरियाणा के मध्य सीमा भिवाडी से दिनांक 21.02.2024 एवं विवेक निर्मश को उत्तर प्रदेश-राजस्थान सीमा के मध्य ग्राम पहाडीकला से 24.02.2024 को पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किया।
इसी प्रकार मृतक पुखराज वर्मा निवासी घुमका थाना घुमका के प्रकरण में घटना में प्रयुक्त मोबाईल नंबरों को ट्रेस करते हुए थाना घुमका व सायबर सेल की टीम मध्यप्रदेश के अशोक नगर जिले के झीला व गुना क्षेत्र में जाकर पता किये जोकि पंजीकृत ग्राहकों को उनके नाम पर उक्त सीम नंबर चलने की जानकारी नहीं होना पता चला जिसके बाद पुलिस टीम द्वारा फर्जी तरीके से मोबाईल नंबर एक्टीव कर आरोपी विवेक अहिरवार एवं बिजेन्द्र यादव को दिनांक 24.02.2024 को अशोक नगर जिले के शढौरा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया । गिरफ्तार आरोपीयों ने बताया कि वे योजनाबद्ध तरीके से मोबाईल नंबरों को ग्रामीणों के नाम पर खरीदकर अपने पास रखकर उन नंबरों को ऑनलाईन ठगी व सेक्सटार्शन ब्लैकमेलिंग गिरोह में शामिल सदस्यों को प्रयोग करने के लिए दे देते हैं इस प्रकार गिरोह के लोग फर्जी मोबाईल नबरों से राजस्थान के भरतपुर जिले के ग्राम कामा, पहाडी, धरमशाला में बैठकर लोगों को कॉल कर ऑनलाईन ठगी, सेक्सटार्शन, ब्लैकमेलिंग करते हैं। अश्लील विडियो बनाकर सेक्सटार्शन के नाम पर ब्लैकमेल कर करते हैं ठगी – गिरोह में शामिल कुछ सदस्य फर्जी मोबाईल नंबरों एवं फेसबुक एकाउंट चलाकर लोगों के साथ चैंटिंग करते हुए उनके अश्लील विडियो बनाते है इसके बाद मोबाईल नंबर पर किसी पुलिस अधिकारी के नाम तथा यू-ट्यूब अधिकारी के नाम पर फर्जी प्रोफाईल बनाकर विडियो को डिलिट करवाने अथवा विडियो वायरल कर देने की धमकी देकर सेक्सटार्शन के माध्यम से उनके साथ ब्लैकमेल कर ठगी करते है।
गिरफ्तार आरोपीयों से पुलिस टीम के द्वारा घटना में प्रयुक्त मोबाईल सेट, पीओएस मशीन, एटीएम कार्ड, 04 फर्जी बैंक खाता, फर्जी मोबाईल सीम, 01 बायोमैट्रिक डिवाईस आदि जप्त किया गया है साथ ही तीन बैंक खाताओं को फ्रीज करवाया गया है।
गिरफ्तार 06 आरोपीयों को आज दिनांक को माननीय न्यायालय राजनांदगांव के समक्ष पेश किया गया है।
उक्त कार्यवाही में थाना घुमका से निरीक्षक विनय कुमार पम्मार, उप निरीक्षक विक्रांत सुरेश कुमार सिंह, आर0 गौतम सिंह बरगाह, अशोक यादव व सायबर सेल मनीष वर्मा, आदित्य सिंह, हेमंत साहू, जीवन ठाकुर, दीपक जाटवार, संजीव कुमार व अन्य योगेन्द्र साहू, हरीष सिन्हा की सराहनीय भूमिका रही।
राजनांदगांव पुलिस की अपील – सोशल मीडिया के द्वारा किसी भी प्रकार के अनजान लिंक को न खोले, फोन कॉल को न उठाये, अनजान व्यक्ति को अपने बैंक खाता की जानकारी न देवे, मोबाईल में आये हुए ओटीपी को किसी से शेयर न करें ।
सेक्सटॉर्शन यानी क्या?
- सेक्सटॉर्शन असल में दो शब्दों से मिलकर बना है. ‘सेक्स’ और ‘एक्सटॉर्शन’. ये एक तरह का साइबर अपराध है, जिसका शिकार कोई भी बन सकता है.
- सेक्सटॉर्शन एक तरह का ब्लैकमेल है, जिसमें साइबर अपराधी इंटरनेट के जरिए लोगों को कॉल कर अश्लील बातें करते हैं और उन्हें अपने झांसे में फंसा लेते हैं.
- इसके बाद अपराधी लोगों की अश्लील तस्वीरें या वीडियो बना लेते हैं और फिर उन्हें उनके परिवार को भेजने या सार्वजनिक करने की धमकी देकर पैसे ऐंठते हैं.
- शुरुआत में जब कोई व्यक्ति सेक्सटॉर्शन का शिकार होता है तो वो बदनामी के डर से अपराधियों को पैसे दे देता है. लेकिन कई बार अपराधियों की मांग बढ़ती जाती है और व्यक्ति लूटता जाता है.
- लिहाजा, ऐसे फंस जाने पर घबराने की बजाय इसका सामना करना चाहिए. ऑनलाइन भी शिकायत कर सकते हैं. पुलिस थाने में जाकर भी इसकी शिकायत की जा सकती है.
क्या केस दर्ज करा सकते हैं?
आईपीसी के तहत…
– आईपीसी की धारा 383, 384 और 385 के तहत केस दर्ज करवा सकते हैं. धारा 383 में ‘एक्सटॉर्शन’ की परिभाषा बताती है. इसके मुताबिक, किसी भी व्यक्ति को डरा-धमकाकर उससे जबरन वसूली करना या ऐसी कोशिश करना एक्सटॉर्शन कहलाएगा.
– धारा 384 और 385 में इसके लिए सजा है. धारा 384 के तहत, अगर कोई व्यक्ति किसी से एक्सटॉर्शन करता है तो उसे तीन साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है. इसी तरह धारा 385 के तहत, अगर कोई किसी व्यक्ति को एक्सटॉर्शन न देने पर उसे नुकसान पहुंचाने की धमकी देता है तो दो साल तक की कैद या जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है.
– इसके अलावा ब्लैकमेलर के खिलाफ मानहानि (धारा 499, 500) और आपराधिक धमकी (धारा 503, 506, 507) के तहत भी मामला दर्ज करवाया जा सकता है. इसके तहत दो साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है.
आईटी एक्ट के तहत
– अगर कोई आपको आपकी निजी तस्वीरें वायरल करने या पब्लिक करने की धमकी देता है तो इन्फोर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 की धारा 66E, 67 और 67A के तहत केस दर्ज करवा सकते हैं.
– धारा 66E कहती है कि अगर कोई व्यक्ति किसी की निजी तस्वीरें बिना उसकी इजाजत के सार्वजनिक करता है तो दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की जेल या दो लाख रुपये का जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है.
– वहीं, धारा 67 के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में कोई अश्लील सामग्री पब्लिश करता है तो पहली बार ऐसा करने पर तीन साल की जेल और 5 लाख रुपये का जुर्माने की सजा होगी. दूसरी बार दोषी पाए जाने पर 5 साल तक की जेल और 10 लाख तक का जुर्माने की सजा होगी.
– जबकि, धारा 67A कहती है कि अगर कोई व्यक्ति इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म के जरिए कोई सेक्सुअली कंटेंट पोस्ट करता है तो पहली बार दोषी पाए जाने पर 5 साल की जेल और 10 लाख का जुर्माना और दूसरी बार दोषी पाए जाने पर 7 साल की जेल और 10 लाख रुपये के जुर्माने की सजा हो सकती है.
ऑनलाइन भी कर सकते हैं शिकायत
– साइबर क्राइम की शिकायतों को दर्ज करने के मकसद से गृह मंत्रालय ने एक वेबसाइट लॉन्च की थी. ये वेबसाइट cybercrime.gov.in है.
– वेबसाइट पर जाने के बाद आपको ‘File a complaint’ वाले टैब पर क्लिक करना होगा. इसके बाद नया पेज ओपन होगा. इसमें टर्म्स एंड कंडीशन होंगी, जिसे एक्सेप्ट कर आगे बढ़ जाएं.
– अगर आपकी शिकायत महिला या बच्चों से जुड़े अपराध की है तो ‘Report Cyber Crime Related to Women/Child’ वाले टैब पर क्लिक करें. अगर दूसरे अपराध से जुड़ी है तो ‘REPORT CYBER CRIME’ वाले टैब पर क्लिक करें.
– इसके बाद Login करने का ऑप्शन आएगा. अगर पहली बार शिकायत कर रहे हैं तो New User पर क्लिक कर अकाउंट बनाएं और फिर शिकायत करें. शिकायत करने के लिए आपको सबूत भी देने होंगे.
ध्यान रखेंः अपराधियों के झांसे में आने से बचें. किसी भी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करने से पहले सोचें. अपनी निजी जानकारी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सीमित रखना चाहिए.