पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल की सुरक्षा में तैनात पीएसओ ने एक वर्ष पहले गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। मामले में पुलिस ने मध्य प्रदेश से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपित अवैध संबंध का राज खोलने के नाम पर ब्लैकमेलिंग कर 30 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। उनकी प्रताड़ना से तंग आकर विश्वम्भर दयाल ने सर्विस रिवाल्वर से स्वयं को गोली मार ली थी। मृतक विश्वम्भर दयाल राठौर मूलत: मध्य प्रदेश के मुरैना के अंतर्गत लालौर गांव के रहने वाले थे। पुलिस ने महेश कुमार राठौर और शारदा राठौर निवासी गुड शेफर्ड कालोनी, आर्मी स्कूल के पास, थाना मुरार, ग्वालियर, मध्य प्रदेश को गिरफ्तार किया है। प्रकरण में एक अन्य आरोपित रामशंकर राठौर की पता तलाश विवेचना जारी है।
सर्विस रिवाल्वर से खुद को मारी थी गोली
19 अगस्त को माना सुरक्षा बटालियन में पदस्थ आरक्षक विशंभर राठौर (36) ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी. उनकी तैनाती पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की सुरक्षा के लिए लगाई गई थी. उसने अपने सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली थी. रायपुर सिविल लाइन थाना प्रभारी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि मृतक आरक्षक की आत्महत्या में रामशंकर राठौर (मृतक का साला), शारदा राठौर (रामशंकर की पत्नी) और महेश राठौर ( रामशंकर का साला) के खिलाफ धारा 306, 384 एवं 34 के तहत मामला पंजीबद्ध किया था. मृतक ने सुसाइड नोट में लिखा था कि जमीन खरीदी-बिक्री के बाद आरोपी द्वारा 30 लाख रुपये की मांग की जा रही थी. इसे लेकर लगातार मृतक को धमकी भी दी जा रही थी. आरोपी फरार थे उनकी तलाशी की जा रही थी.
सुसाइड नोट में ब्लैकमेलिंग का जिक्र
पीएसओ विशंभर राठौर ने खुदकुशी से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा था. इस नोट में आरक्षक ने अपने साले की पत्नी और साले के साला पर ब्लैकमेल करने का उल्लेख किया था. उसमें यह भी लिखा है कि उनकी ब्लैकमेलिंग से वह तंग आ चुका था. जिसकी वजह से वह आत्महत्या के लिए मजबूर हुआ है.