प्रेमी के साथ मिलकर पत्नी ने पति को मौत के घाट उतार दिया। घटना सक्ती जिले के हसौद थाना क्षेत्र के गुंजियाबोड़ गांव की बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जांजगीर-चांपा । प्रेमी के साथ मिलकर पत्नी ने पति की गला दबाकर हत्या कर दी और साक्ष्य छिपाने के लिए दोनों ने मिलकर नदी में उसके शव को फेंक दिया। इसके बाद उसके लापता होने की झूठी कहानी गढ़कर पुलिस को गुमराह किया गया। दो दिन पूर्व युवक का शव सोन नदी में मिला। पुलिस ने अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की और शनिवार को पत्नी और उसके प्रेमी को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामला हसौद थाना का है।
थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि गुंजियाबोड़ निवासी गणेशराम साहू की पत्नी चानेश्वरी साहू का पड़ोस के युवक प्रमोद साहू के साथ प्रेम संबध था। जब इसकी जानकारी गणेशराम को हुई तो इसे लेकर दोनों पति पत्नी के बीच आए दिन विवाद होता था। 15 दिन पूर्व गणेशराम ने अपनी पत्नी को मोबाइल से बात करते देखा था तो उसकी मोबाइल को अपने पास रख लिया था और बात करने से मना किया था मगर प्रमोद ने उसे की पैड वाला दूसरा मोबाइल लेकर दे दिया जिससे वह उससे बात करती थी। 27 मार्च की रात गणेश की पत्नी चानेश्वरी ने अपने प्रेमी प्रमोद साहू को मिलने के लिए फोन कर अपने घर में बुलाया। इस दौरान गणेशराम घर में नहीं था। जब वह बाहर से घूमकर घर पहुंचा और कमरे में उसने दोनों को आपत्ति जनक स्थिति में देख लिया। इसे लेकर तीनों के बीच विवाद हुआ तब चानेश्वरी साहू ने अपने प्रेमी प्रमोद साहू के साथ मिलकर गणेशराम की गमछे से गला घोट कर हत्या कर दी और साक्ष्य छिपाने के लिए शव को सोन नदी में ले जाकर फेंक दिया। दो दिन पूर्व 30 मार्च को नदी में जब गणेशराम का शव मिला तो पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पीएम के लिए भेज दिया। पीएम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या करने का उल्लेख मिलने पर पुलिस ने हत्या का अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया। पुलिस ने चानेश्वरी साहू और उसके प्रेमी प्रमोद साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने हत्या करना और शव को नदी में फेंकना स्वीकार किया। जिस पर पुलिस ने दोनों को धारा 302, 201 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया।
झूठी कहानी तैयार की और मामूस को भी पढ़ाया पाठ
पुलिस ने बताया कि घर मृतक अपनी पत्नी और एक 6 साल की मासूम बेटी का साथ रहता है। वारदात के समय उसकी 6 साल मासूम सो रही थी। वारदात के दूसरे दिन आरोपी महिला अपने ससुर के साथ थाना पहुंची और उसने बताया कि 27 मार्च को गणेश घर पर था और खाना खा रहा था, उसी समय कार लोगों ने उसे बुलाया और वो घर के बाहर चला गया, जिसके बाद देर शाम तक घर वापस नहीं आया, उसके मोबाइल पर कॉल करने पर नबर बंद आ रहा था। साथ ही उसने यही बात अपने 6 साल की बेटी को रटा दिया, ताकि पुलिस और लोगों को गुमराह कर सके और उसकी झूठ कभी पकड़ी न जा सके। पुलिस जब भी उसकी मासूस बेटी से वारदात के संबंध में पूछताछ तब भी वह बस यही बात करती थी।