बारदाना संकट के बीच बुधवार से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत होगी। इसके लिए प्रशासन ने जिले के सभी नए-पुराने 148 उपार्जन केंद्रों में तैयारी पूरी कर ली है। वहीं किसान भी अपनी उपज खरीदी केंद्रों में बेचने के लिए तैयार हैं। आधी रात से समितियों में किसानों की भीड़ पहुंच जाएगी। पहले दिन जिले में 32 हजार क्विंटल धान की खरीदी होगी। इसके लिए किसानों को पहले ही टोकन दे दिया गया है। जिले में अभी तक 7900 किसानों को टोकन जारी हुआ है। विडंबना यह है कि इस बार उपार्जन केंद्रों में पर्याप्त बारदाना नहीं पहुंच पाया है। लगभग आधे से ज्यादा केंद्रों में तीन से चार दिन के लिए ही बारदाना है। जिसके कारण किसानों को ही बारदाना लाने कहा गया हे। इसको लेकर जिला किसान संघ ने जिलेभर में निगरानी समिति गठित की है। जो उपार्जन केंद्रों में बारदाने की कमी पर नजर रखेगी।
लघु व सीमांत किसानों से पहले होगी खरीदी : धान खरीदी में लघु और सीमांत किसानों को पहली प्राथमिकता देने कहा गया है। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने कहा कि धान खरीदी की सभी तैयारियां कर ली गई है। समितियों को निर्देशित किया गया है कि वो पहले लघु और सीमांत किसानों की धान की खरीदी करें। जिससे छोटे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए परेशानी ना हो। कलेक्टर ने यह भी कहा कि किसी भी स्थिति में 17 प्रतिशत से अधिक नमी होने पर धान की खरीदी नहीं करना है।
टोकन के लिए शुरू हुई मारामारी : खरीदी शुरू होने से पहले टोकन के लिए किसानों में मारमारी शुरू हो गई है। पर्चा लेकर किसान समितियों में पहुंच रहे हैं। इसके चलते कई समितियों में किसानों की देर शाम तक भीड़ भी जुट रही है। वनांचल के समितियों में भी रोज किसान सुबह समिति खुलने से पहले ही पहुंच रहे हैं। जिला केंद्रीय बैंक के सीईओ एसके वर्मा ने कहा कि पहले दिन 32 हजार क्विंटल धान की खरीदी की जाएगी। सभी केंद्रों में ट्रायल कर तैयारी पूरी कर लिए हैं। नए केंद्रों में भी बारदाना भिजवा दिए हैं।
जिला किसान संघ ने भी जिले में निगरानी समिति गठित की है। जो जिले के सभी उपार्जन केंद्रों पर नजर रखेगी। इसको लेकर छुईखदान ब्लाक के उदान गांव में किसानों की बैठक भी ली गई। जिला किसान संघ के संयोजक सुदेश टीकम ने कहा कि जिले के सभी खरीदी केंद्रों में बारदाने का संकट है। इसके कारण प्रशासन किसानों को बारदाना लाने पर ही खरीदी करने की चेतावनी दे रही है। इससे किसान परेशान हैं। सरकार ने 25 प्रतिशत बारदाना किसानों को लाने कहा है, लेकिन कई समितियों द्वारा किसानों को 50 प्रतिशत बारदाना लाने पर ही उनकी उपज लेने की बात कही गई है। टीकम ने कहा कि बारदाना को लेकर अगर किसी किसानों की उपज नहीं खरीदने की मांग नहीं पूरी की गई तो इसका विरोध कर उग्र आंदोलन करेंगे।